उत्तराखंड समाचार 22 मार्च 2021

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बेरोजगार युवाओं के लिए अच्छी खबर, तीन विभागों में एक हजार से अधिक पदों पर नौकरी का अवसर

बेरोजगार युवाओं के लिए अच्छी खबर है। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग अगले माह प्रदेश के स्नातक और 12वीं पास युवाओं को तीन विभागों में समूह ग के एक हजार से अधिक पदों पर नौकरी का अवसर देने जा रहा है। आयोग ने हाल ही में समान योग्यता वाले पदों के लिए एक ही भर्ती कराने का फैसला किया है।

इसके तहत विभिन्न विभागों से प्रस्ताव मांगे गए थे। प्रस्ताव मिलने के बाद अब भर्ती की तैयारी की जा रही है। आयोग के सचिव संतोष बडोनी ने बताया कि अप्रैल में पटवारी/लेखपाल के 450, प्रयोगशाला सहायक के 220 और मानचित्रकार के करीब 400 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन प्रकाशित किया जाएगा।

एलटी आवेदकों को त्रुटि सुधार का मौका

आयोग ने सहायक अध्यापक (एलटी) भर्ती के लिए आवेदन की तिथि 25 मार्च तक बढ़ा दी है। इस अवधि में आवेदन में त्रुटि सुधार भी किया जा सकेगा। आयोग के सचिव संतोष बडोनी ने बताया कि उच्च न्यायालय के आदेश के तहत एलटी भर्ती में ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाई गई है। जिन उम्मीदवारों को राज्य सरकार ने उम्र में छह माह की छूट दी है, वह भी इस तारीख तक आवेदन कर सकते हैं।

साथ ही बताया कि कला विषय में बीएड की अनिवार्यता को सरकार ने खत्म कर दिया है। नई अर्हता को लेकर कई उम्मीदवार सवाल पूछ रहे हैं, जिस पर शिक्षा विभाग से जवाब मांगा गया है। शिक्षा विभाग जो फैसला लेगा, उस आधार पर पात्रता तय की जाएगी। 27 मार्च से दो अप्रैल के बीच एलटी भर्ती के आवेदकों को आवेदन में त्रुटि सुधार का मौका दिया जाएगा। इसके लिए 30 रुपये शुल्क भी आयोग ने तय किया है।

 

‘फटी जीन्स’ के बाद उत्तराखंड CM का एक और विवादित बयान, बोले- दो बच्चे पैदा किए इसलिए मिला कम राशन, 20 किए होते तो मिलता फायदा

फटी जींस पर बयान देकर कई दिन तक सुर्खियों में रहे उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने रविवार को एक बार फिर ऐसा बयान दिया है जिसपर विवाद पैदा हो सकता है। रामनगर में अंतरराष्ट्रीय वानिकी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में सीएम रावत ने लॉकडाउन के दौरान सरकार द्वारा बांटे गए अनाज को लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि लोगों में सरकार द्वारा बांटे गए चावल को लेकर जलन भी होने लगी कि दो सदस्यों वालों को 10 किलो जबकि 20 सदस्य वालों को एक क्विंटल अनाज क्यों दिया गया ?

उन्होंने कहा की  ‘भैया इसमें दोष किसका है, उसने 20 पैदा किए, आपने दो पैदा किए, तो उसको एक क्विंटल मिल रहा है, इसमें जलन काहे का। जब समय था तब आपने दो ही पैदा किए, 20 क्यों नहीं किए।’ इस दौरान सीएम ने किसी धर्म या जाति का नाम नहीं लिया। अपने भाषण में उन्होंने तथ्यात्मक गलती करते हुए कहा कि भारत 200 साल तक अमेरिका का गुलाम रहा। बता दें कि तीरथ के कार्यभार संभालने के एक हफ्ते के अंदर ही वह विवादों में घिर गए थे। फटी जींस मामले विवाद के बाद उनका दूसरा वीडियो गुरुवार को वायरल होने के बाद विपक्षियों के विरोध के स्वर भी तेज हो गए हैं।

विडियो में वह श्रीनगर के कालेज का किस्सा सुनाते हुए लड़कियों के शॉर्टस पर टिप्पणी करते सुनायी दे रहे हैं। इससे पहले उन्होंने महिलाओं के ‘फटी जींस’ पहनने को लेकर टिप्पणी की थी। उनकी टिप्पणी का राज्य में जगह जगह विरोध हुआ था। सीएम को घिरता देख उनकी पत्नी डॉ. रश्मि रावत बचाव को आगे आई थीं। तीरथ के बचाव में वीडियो जारी करते हुए उनका कहना था कि तीरथ ने जिस संदर्भ में यह बात कही है, उसका गलत मतलब निकाला गया है। उनके अनुसार, सिर्फ एक शब्द को पकड़कर विपक्षियों ने मुद्दा बना लिया है।

बता दें कि सीएम तीरथ के बयान को लेकर देहरादून, हरिद्वार समेत कई शहरों में कांग्रेस ने प्रदर्शन भी किया था। यही नहीं, सोशल मीडिया पर भी मुख्यमंत्री की टिप्पणी का जमकर विरोध हुआ था। तीरथ ने कहा था कि, आज कल के युवा घुटनों पर फटी पैंट पहनकर खुद को बड़े बाप का बेटा समझते हैं। ऐसे फैशन में लड़कियां भी पीछे नहीं हैं। उन्होंने अपनी एक हवाई यात्रा का जिक्र करते हुए एक महिला सहयात्री की रिप्ड जींस को लेकर भी टिप्पणी की। इससे पहले भी सीएम तीरथ के बयान के बाद विपक्षियों ने उन्हें घेरा था। तीरथ ने हरिद्वार में आयोजित एक कार्यकम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना भगवान कृष्ण और राम से करते हुए कहा था कि एक दिन लोग पीएम मोदी की पूजा करेंगे। उनके इस बयान की भी काफी आलोचना की गई थी।

हरिद्वार कुंभ से बढ़ सकता है कोरोना, केंद्र सरकार ने उत्तराखंड को किया आगाह

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने उत्तराखंड के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर कुंभ के मद्देनजर कोरोना बढ़ने की आशंका को लेकर आगाह किया। पत्र में कहा गया है कि हरिद्धार में आरटीपीसीआर टेस्ट की संख्या बेहद कम है जिसे तुरंत आईएमआर के मानकों के अनुरूप बढ़ाया जाना चाहिए। अभी हरिद्वार में सिर्फ 5 हजार आटीपीसीआर एवं 50 हजार एंटीजन टेस्ट हो रहे हैं।

स्वास्थ्य सचिव ने इस पत्र में हाल में हरिद्वार के दौरे से लौटे एक केंद्रीय दल की चिंताओं का भी उल्लेख किया है। साथ ही कोरोना के संभावित खतरे की रोकथाम के लिए सख्त कदम उठाने को कहा गया है।

पत्र में कहा गया कि हरिद्वार में कुंभ मेले में चिकित्सा तथा जन स्वास्थ्य व्यवस्था की समीक्षा के लिए राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) के निदेशक के नेतृत्व में केंद्र सरकार के एक दल ने 16-17 मार्च के बीच हरिद्वार का दौरा किया था। पत्र मे कहा गया है कि पिछले कुछ समय से देश के 12 प्रमुख राज्यों में कोरोना के मामलों में बढ़ोत्तरी का रुझान दिखा है। इन राज्यों से भी लोग कुंभ में आएंगे इसलिए कोरोना के मामलों में बढ़ोत्तरी हो सकती है।

मंत्रालय ने कहा कि कुंभ मेले के दौरान पवित्र शाही स्नान के बाद स्थानीय लोगों में संक्रमण के मामले बढ़ने की आशंका है। सचिव ने यह भी कहा कि केंद्रीय दल की रिपोर्ट के मुताबिक प्रतिदिन 10-20 तीर्थयात्रियों और 10-20 स्थानीय लोगों के रोज संक्रमित होने की जानकारी मिल रही है। संक्रमण की यह दर मामलों में वृद्धि होने की आशंका को बढ़ाती है क्योंकि कुंभ के दौरान अधिक संख्या में लोगों के आने की उम्मीद है।

पत्र में कहा गया है कि हरिद्वार में प्रतिदिन हो रही 50 हजार रेपिड एंटीजेन टेस्ट और 5 हजार आरटीपीसीआर जांच हो रही है। यह तीर्थयात्रियों की संभावित संख्या को देखते हुए पर्याप्त नहीं है। साथ ही यह भी कहा कि आरटीपीसीआर टेस्ट की संख्या बेहद बेहद कम है। इसे आईसीएमआर के दिशा-निर्देशों के अनुरूप बढ़ाए जाने की जरूरत है। इसके तहत 70 फीसदी आरटीपीसीआर और 30 फीसदी एंटीजन टेस्ट होने चाहिए। इससे तीर्थ यात्रियों में कोरोना की सही जांच हो सकेगी। बता दें कि एंटीजन टेस्ट की नेगेटिव रिपोर्ट मान्य नहीं होती है।

पत्र में स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी एसओपी का पालन करने, लोगों को कोरोना जैसे लक्षणों की स्थिति में स्वत सूचित करने के लिए प्रेरित करने, संदिग्ध लक्षणों वाले लोगों की स्वत पहचान का तंत्र विकसित करने, शाही स्थान से पूर्व अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं की कोरोना जांच सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।

पत्र में यह भी कहा गया है कि यदि इस दौरान तेजी से संक्रमण के मामले आते हैं तो नए प्रकार के कोरोना वायरस की जांच के लिए पाजीटिव नमूनों को तुरंत जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए चिह्नित प्रयोगशालाओं को भेजा जाए। दरअसल, देश में अब तक 400 से ज्यादा मामले ब्रिटेन, ब्राजील और दक्षिणी अफ्रीकी कोरोना प्रकार के मिल चुके हैं।

पूर्णागिरि मेले में जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए गाइड लाइन जारी

उत्तराखंड के चंपावत में मौजूद प्रसिद्ध पूर्णागिरि धाम में लगने वाले ऐतिहासिक मेले में प्रतिभाग करने वाले श्रद्धालुओं के लिये पंजीकरण कराना आवश्यक है। जिन श्रद्धालुओं का पंजीकरण नहीं होगा वे मेले में भाग नहीं ले सकेंगे। मेले में प्रतिदिन दस हजार श्रद्धालु ही भाग ले सकेंगे।मेला प्रशासन की ओर से रविवार को जारी गाइड लाइन में यह जानकारी दी गयी है। गाइड लाइन के अनुसार मेले में भाग लेने के लिये श्रद्धालुओं के लिये पंजीकरण आवश्यक है। मेला प्रशासन की ओर से प्रतिदिन दस हजार पंजीकरण की ही अनुमति दी गयी है। इसके बाद पंजीकरण नहीं होगा। इससे साफ है कि प्रतिदिन दस हजार श्रद्धालु ही मेले में जा सकेंगे। इसके अलावा श्रद्धालुओं के लिये मास्क पहनना और सामाजिक दूरी का पालन करना भी अनिवार्य कर होगा।

मेला प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं से यह भी अनुरोध किया गया है कि वह गर्मियों के सीजन को देखते हुए जंगल में खाना न बनायें और बीड़ी एवं सिगरेट का प्रयोग न करें। गाइड लाइन में साफ साफ कहा गया है कि जो श्रद्धालु कोरोना गाइड लाइन का पालन नहीं करेगा, उसके खिलाफ महामारी अधिनियम के तहत कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। उल्लेखनीय है कि हर साल की तरह इस साल भी पूर्णागिरि में 30 मार्च पूर्णागिरि मेले का आयोजन किया जा रहा है। मेला 30 अप्रैल तक चलेगा। मेले में देश ही नहीं विदेश खासकर नेपाल के श्रद्धालु भारी में मात्रा में प्रतिभाग करते हैं।

उत्‍तराखंड को मिले 403 नए चिकित्सक, इनमें से विशेषज्ञ श्रेणी के 59 हैं शामिल

चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे स्वास्थ्य महकमे को कुछ हद तक राहत मिली है। विभाग को 403 नए चिकित्सक मिल गए हैं। चिकित्सा चयन आयोग ने रविवार को चिकित्सक भर्ती का परिणाम जारी कर दिया है। अच्छी बात ये है कि इनमें 59 चिकित्सक विशेषज्ञ श्रेणी के हैं। जिनमें स्त्री एवं प्रसूति रोग, हड्डी रोग, एनेस्थीसिया आदि के चिकित्सक शामिल हैं।

सरकार ने चिकित्सा चयन आयोग को 763 पदों पर भर्ती का प्रस्ताव दिया था। इसके आधार पर आयोग ने भर्ती की तो कुल चिकित्सकों को चयनित किया गया है। आयोग के अध्यक्ष डॉ डीएस रावत ने बताया कि आरक्षित श्रेणी में उम्मीदवार न मिलने की वजह से 359 पद खाली रह गए हैं। उन्होंने बताया कि आयोग ने पिछले दो सालों में राज्य में 1400 के करीब चिकित्सकों की भर्ती की है। उन्होंने कहा कि चयनित डॉक्टरों को नियुक्ति की प्रक्रिया अब विभाग की ओर से की जाएगी।

बता दें कि राज्य गठन के बाद से ही प्रदेश में चिकित्सकों की भारी कमी रही है। इस कमी को दूर करने के कई प्रयास हुए पर धरातल पर इसका असर नहीं दिखा। प्रदेश के तमाम अस्पताल मानव संसाधन के अभाव में शोपीस ही बने रहे। पर अब इस मोर्च पर उम्मीद पूरी होती दिख रही है। साल 2017 से पहले मात्र एक हजार, 747 चिकित्सक विभिन्न अस्पतालों में कार्यरत थे, जिनकी संख्या अब ढाई हजार के करीब पहुंच गई है।

दो महीने बाद एक दिन में सबसे अधिक 137 संक्रमित मिले, लोकसभा अध्यक्ष के संपर्क में आए लोगों की होगी जांच

उत्तराखंड में कोरोना मरीजों की मौत के मामले थमने लगे हैं, लेकिन संक्रमित मामले बढ़ रहे हैं। दो महीने बाद एक दिन में सबसे अधिक संक्रमित मामले सामने आए हैं। बीते 24 घंटों के भीतर 11 जिलों में 137 लोग कोरोना संक्रमित मिले हैं। कुल संक्रमितों की संख्या 98448 हो गई है।स्वास्थ्य विभाग के अनुसार रविवार को 9839 सैंपलों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। चंपावत और पिथौरागढ़ जिले को छोड़ कर बाकी 11 जिलों में 137 संक्रमित मिले हैं। वहीं, छह दिनों से प्रदेश में कोरोना मरीजों की मौत नहीं हुई है। देहरादून जिले में 53 कोरोना मरीज मिले हैं।हरिद्वार में 41, ऊधमसिंह नगर में 15, नैनीताल में 14, चमोली में पांच, टिहरी, पौड़ी, अल्मोड़ा में दो-दो, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर जिले में एक-एक संक्रमित मिला है। प्रदेश में कुल संक्रमितों की संख्या 98448 हो गई है।वहीं, 32 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया। इन्हें मिलाकर 94462 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। संक्रमितों की तुलना में ठीक होने वाले मरीजों की संख्या कम होने से सक्रिय मरीज बढ़ रहे हैं। वर्तमान में 861 सक्रिय मरीजों का इलाज चल रहा है।

लोस अध्यक्ष के संपर्क में आए लोगों की होगी जांच
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला के कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद देहरादून और हरिद्वार में हड़कंप मच गया है। लोकसभा अध्यक्ष 14 मार्च को कनखल स्थित हरिहर आश्रम में हवन अनुष्ठान में शामिल हुए थे। इस दौरान मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक, राज्य मंत्री यतीश्वरांनद, जूना पीठाधीश्वर स्वामी अवधेशानंद भी उनके संपर्क में आए थे। वहीं उन्होंने अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रमुख डॉ. प्रणव पंड्या से भी भेंट की थी। स्वास्थ्य विभाग ने अब कोरोना जांच के लिए संपर्क में आए लोगों को चिह्नित करना शुरू कर दिया है।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला रविवार को कोरोना पॉजिटिव पाए गए। इसके बाद जिला स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है। स्वास्थ्य विभाग ने लोकसभा अध्यक्ष के संपर्क में आए लोगों से होम आइसालेट होने की अपील की है। वहीं संपर्क में आए लोगों के चिह्नीकरण की कार्रवाई की जा रही है।

गौरतलब है कि हरिहर आश्रम में मुख्यमंत्री, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और जूना पीठाधीश्वर समेत कई भाजपा नेता लोकसभा अध्यक्ष के संपर्क में आए थे। लोकसभा अध्यक्ष ने शांतिकुंज में अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रमुख डॉ. प्रणव पंड्या से भी मिले थे। उन्होंने हरकी पैड़ी में विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती में भाग लिया था। इस दौरा गंगा सभा के अध्यक्ष और महामंत्री समेत कई पदाधिकारी भी लोक सभा अध्यक्ष के संपर्क में आए थे। इसके अलावा कुछ अन्य संत और अधिकारी भी मिले थे।

लोक सभा अध्यक्ष के संपर्क में आए जनप्रतिनिधियों और अन्य लोगों को चिह्नित किया जा रहा है। संपर्क में आए सभी लोगों से होम आइसोलेट होने की अपील की गई है। चिह्नीकरण की प्रक्रिया के साथ संपर्क में आए लोगों की कोरोना जांच भी की जाएगी।

सोमवार को पहुंचेगी दो लाख कोविड वैक्सीन की खेप 

कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए चल रहे टीकाकरण अभियान के तहत सोमवार को दो लाख वैक्सीन की खेप उत्तराखंड पहुंचेगी। करनाल से सड़क मार्ग से कोविड वैक्सीन को राज्य में लाया जाएगा। इस बार भी प्रदेश को सीरम इंस्टीट्यूट पुणे की ओर से तैयार कोविशील्ड वैक्सीन ही मिल रही है।

प्रदेश में कोविड टीकाकरण को 16 जनवरी से शुरू किया गया है। केंद्र की ओर से अब तक राज्य को सात लाख से अधिक कोविड वैक्सीन की डोज उपलब्ध कराई गई है। टीकाकरण के तीसरे चरण में 60 साल से अधिक आयु के बुजुर्गों और 45 से 59 साल के बीमारी से ग्रसित लोगों को वैक्सीन लगाई जा रही है। जिससे राज्य को और वैक्सीन की जरूरत है। प्रदेश में टीकाकरण अभियान सुचारु रूप से चल रहा है।

कई राज्यों में कोरोना की दूसरी लहर चलने से बुजुर्ग लोग बचाव के लिए टीका लगाने में आगे आ रहे हैं।  निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डॉ. सरोज नैथानी ने बताया कि 22 मार्च को प्रदेश में दो लाख से अधिक कोविड वैक्सीन पहुंच जाएगी। करनाल से वैक्सीन लाने के लिए वाहन भेज दिया गया है। इस बार सड़क मार्ग से वैक्सीन को कोल्ड चेन के मानकों का पालन कर राज्य में लाया जाएगा।

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