उत्तराखण्ड समाचार 06 मार्च 2021

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Uttarakhand news 6 March

त्रिवेंद्र सिंह रावत : गैरसैण के सुनियोजित विकास के लिए त्रिवेंद्र सरकार।

सीएम त्रिवेंद्र रावत ने  गैरसैण को मंडल बनने से होने वाले फायदों के बारे में  कहा की – आज गैरसैण को  हमारी सरकार के लिए एक भावनात्मक मुद्दा भी है। सरकार इस क्षेत्र के सुनियोजित एवं त्वरित विकास के लिए वचनबद्ध है। अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली एवं रूद्रप्रयाग जनपदों को मिलाकर बनाई गई नई कमिश्नरी इस क्षेत्र के चौमुखी विकास का इंजन बनेगी ।और कहा – ग़ैरसैण राजधानी क्षेत्र के विकास से प्रदेश के सभी पर्वतीय क्षेत्रों के विकास को एक नई दिशा मिलेगी। हमारी सरकार ने इस क्षेत्र में ३५० करोड़ की विभिन्न विकास योजनाओं एवं आधारभूत ढाँचा निर्माण का कार्य आरम्भ कर दिया गया है। जल्द ही टाउन प्लानर की नियुक्ति भी की जाएगी।                                      

भराड़ीसैंण में बनेगा हेलीपैड, तीन एमआई हेलीकॉप्टर एक साथ उतर सकेंगे

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि ग्रीष्मकालीन राजधानी परिक्षेत्र गैरसैंण के सुनियोजित विकास के लिए 350 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। भराड़ीसैंण में इतना बड़ा हेलीपैड तैयार किया जाएगा कि उसमें तीन एमआई हेलीकॉप्टर उतर सकें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति हेलीकॉप्टर से गैरसैंण आ सकें, इस दृष्टि से हेलीपैड का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए दो करोड़ की व्यवस्था की गई है। आगे आवश्यकता पड़ने पर और धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि गैरसैंण के अवस्थापना विकास के लिए 50 करोड़, चौखुटिया हवाई पट्टी के लिए 20 करोड़, सचिवालय भवन के लिए 15 करोड़, विधानसभा भवन के लिए 10 करोड़, अंतर्राष्ट्रीय संसदीय अध्ययन शोध प्रशिक्षण संस्थान के लिए एक करोड़, गैरसैंण पेयजल योजना के लिए 106.87 करोड़, पीएमजीएसवाई की 278 किमी सड़क व एक पुल के लिए 152.83 करोड़, स्टेडियम के लिए 2.42 करोड़, दिवालीखाल भराडीसैंण डबल लेन रोड के लिए 8.67 करोड़, गैरसैंण में सीएचसी में 50 बेड तक अपग्रेड करने के लिए 11.50 करोड़, भराडीसैंण में 10 बैंड के सैटेलाइट सेंटर के लिए 32.46 लाख, परिवहन बस डिपो के लिए पांच करोड़, कौशल विकास सेंटर एक्सीलेंस के लिए एक करोड़, भराडीसैंण पुलिस बैरक के लिए दो करोड़, कोल्ड स्टोर एवं प्रोसेसिंग यूनिट मशरूम उत्पादन यूनिट के लिए एक करोड़, माली प्रशिक्षण केंद्र के लिए 15 लाख, कालीमाटी चाय फैक्ट्री के लिए दो करोड़ की व्यवस्था की गई है।

गैरसैंण कमिश्नरी के बनने पर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत।

गैरसैण के नई कमिश्ररी  बनने से उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत  खुश नहीं है, उन्होंने अपनी बात जाहिर करते हुए कहा की त्रिवेंद्र सिंह जी ने गैरसैंण को कमिश्नरी घोषित किया है। मैं, बधाई देता यदि गैरसैंण को जिला भी घोषित कर देते, एक प्रशासनिक कन्फ्यूजन माननीय मुख्यमंत्री जी की घोषणा से पैदा हुआ है, इसको दूर करिये और साथ-साथ कुछ उन कमिश्नरियों के विषय में भी सोचिये जिसमें पौड़ी की कमिश्नरी सम्मिलित है, उसके ऊपर जो प्रभाव पड़ेगा उसको कैसे आप न्यूटिलाइज करेंगे? कुछ पौड़ी में भी ऐसा करिये ताकि पौड़ी जो हमारे राज्य आंदोलन की जन्म स्थली है लगे कि उत्तराखंड उसका भी ख्याल कर रहा है।

गन्ना मूल्य पर गरमाया सदन, विपक्ष ने किया वाकआउट

गन्ना मूल्य में बढ़ोतरी न होने और सरकार के जवाब से नाराज विपक्ष कांग्रेस ने सदन से वाकआउट कर दिया। वहीं, सरकार ने साफ किया कि प्रदेश में गन्ने का मूल्य, न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित करने वाले राज्यों में सबसे कम है। सरकार ने गन्ना किसानों के भुगतान के लिए बजट में अग्रिम व्यवस्था भी की हुई है। शुक्रवार को कांग्रेस ने सदन की कार्यवाही शुरू होते ही नियम 310 के तहत चर्च करने की मांग की। इस पर पीठ ने इसे नियम 58 यानी कार्य स्थगन की ग्राह्यता पर सुनने की व्यवस्था दी। विधायक काजी निजामुद्दीन ने इस मसले को उठाते हुए कहा कि प्रदेश में महंगाई तेजी से बढ़ी है।

डीजल व पेट्रोल की कीमतें आसमान छू रही हैं। मजदूरी बढ़ गई है। किसानों की गन्ना उत्पादन लागत बढ़ रही है लेकिन सरकार ने चार साल से गन्ना कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। मात्र एक रुपये की बढ़ोतरी अभी तक हुई है। इससे किसानों के सामने आॢथक संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि सरकार पेराई सत्र से पहले गन्ने की कीमतों को बढ़ाए। अपनी बात-कहते वह काफी भावुक भी हो गए थे। नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश ने कहा कि किसानों ने गन्ने को कैश क्राप के रूप में बोना कम कर दिया है। बजट में किसानों को लेकर बड़ी-बड़ी बातें कहीं कई हैं लेकिन किसानों के गन्ने का बकाया भुगतान कब किया जाएगा, इसकी व्यवस्था नहीं की गई है।

उत्तराखंड में वित्तीय संकट से जूझ रहे रोडवेज को 126 करोड़ की ‘संजीवनी’

कोरोना काल के बाद से कर्मचारियों को वेतन दे पाने में विफल और वित्तीय संकट से जूझ रहे रोडवेज को सरकार ने बजट में 126 करोड़ रुपये की ‘संजीवनी’ प्रदान की है। पिछले बजट में सरकार ने 110 करोड़ रुपये का प्रविधान किया था, जिसे इस वर्ष बढ़ाया गया है। पर्वतीय मार्गों पर संचालन से घाटे की मद में की जाने वाली मदद को सरकार ने 35 करोड़ रुपये से बढ़ाकर सीधे 60 करोड़ रुपये कर दिया है। राज्य में बस अड्डों के निर्माण के लिए 26 करोड़ रुपये का प्रविधान किया गया है। पर्वतीय मद में धनराशि बढ़ाने पर रोडवेज के कर्मचारियों ने सरकार का आभार जताया है।

चुनावी वर्ष में सरकार ने लोक-लुभावन बजट में समस्त संतुलन साधने की कोशिश की है। भले रोडवेज का करीब 250 करोड़ रुपये सालाना घाटा पूरी तरह दूर न हो पाए मगर राज्य सरकार ने घाटा आधा करने का प्रयास जरूर किया है। बसों की खरीद को लिए गए ऋण का सालाना 10 करोड़ रुपये का ब्याज सरकार चुकाती रहेगी। बीते कुछ वर्षों से रोडवेज कर्मचारियों और सरकार के बीच सबसे बड़ा विवाद सरकार द्वारा मुफ्त यात्रा की विभिन्न जनकल्याणकारी योजना की मद को लेकर था। सबसे ज्यादा विरोध के सुर पर्वतीय मार्गों पर बसों के संचालन से रोडवेज को होने वाले घाटे पर थे, मगर सरकार ने इस मद में धनराशि बढ़ा विरोध के सुर खत्म कर दिए हैं।

उत्तराखंड में कोरोना के 51 नए संक्रमित मिले, दो मरीजों की मौत, 19531 लोगों ने लगवाई वैक्सीन

उत्तराखंड में शुक्रवार को कोरोना के 51 मामले सामने आए हैं। वहीं, दो संक्रमित मरीजों की मौत हुई है। प्रदेश में अब तक कोरोना मरीजों का आंकड़ा 97,285 पर पहुंच गया है। इसके साथ ही 35 मरीजों ने कोरोना से जंग जीती है।

वहीं, शुक्रवार को प्रदेश में 19531 लोगों को कोरोना वैक्सीन दी गई। अब तक 47405 लोगों को वैक्सीन की दोनों डोज दी जा चुकी हैं। 60 वर्ष से अधिक आयु के 18500 बुजुर्गों को अब तक कोरोना की पहली वैक्सीन दी जा चुकी है। 45-59 आयु वर्ग के 894 लोगों को पहली डोज दी जा चुकी है।

प्रदेश में कोरोना के 556 एक्टिव केस हैं। अब तक कोरोना के कुल 97,285 मामलों में से 93,629 लोग स्वस्थ हो चुके हैं। अभी तक 1,694 कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत हो चुकी है। कोरोना संक्रमित मरीजों का रिकवरी रेट 96.24% है।

मार्च की शुरुआत में ही सताने लगी है गर्मी, टूट गया 15 साल का रिकार्ड: उत्तराखंड 

मार्च की शुरुआत में ही इस बार गर्मी लोगों के पसीने छुड़ाने लगी है। हालांकि तापमान बढ़ने का सिलसिला फरवरी के आखिरी हफ्ते में ही शुरु हो गया था, जो लगातार जारी है।फरवरी के आखिर 2 दिन की ही बात करे तो 2 देहरादून और पंतनगर में साल 2006 का गर्मी का रिकॉर्ड टूट गया था। अनुमान है कि देहरादून और पंतनगर में अप्रैल और मई के महीने में गर्मी सबसे ज्यादा सताएगी। साथ ही बाकी जिलों में भी गर्मी अपने तेवर दिखाएगी।

राजसी ठाठ-बाट के साथ निकली श्रीशंभू पंचदशनाम आह्वान अखाड़ा की पेशवाई :हरिद्वार कुम्भ मेला २०२१

घुड़सवार नागा संन्यासी और दो-दो घोड़े के भव्य रथों पर विराजमान आचार्य महामंडलेश्वर, महामंडलेश्वर, श्रीमहंत, महंत और साधु-संत। कुंभनगरी में निकाली गई श्रीशंभू पंचदशनाम आह्वान अखाड़ा की यह पहली पेशवाई थी, जिसमें वास्तविक रथों का ऐसा भव्य नजारा देखने को मिला। बैंड धुन और हर-हर महादेव की अनुगूंज के बीच पेशवाई में नागा संन्यासियों की करतब दिखाती पैदल जमात बरबस हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच रही थी। स्थान-स्थान पर श्रद्धालु पेशवाई का स्वागत करने के साथ संत-महात्माओं का आशीर्वाद ले रहे थे। रात नौ बजे पेशवाई ने अपनी छावनी में प्रवेश किया। इससे पूर्व, सुबह निकली तपोनिधि श्रीपंचायती अखाड़ा आनंद की पेशवाई नजारा भी सम्मोहित कर देने वाला था। श्रीशंभू पंचदशनाम आह्वान अखाड़ा की पेशवाई अपने ईष्ट देव की पूजा-अर्चना के बाद दोपहर तीन बजे के आसपास ज्वालापुर के पांडेयवाला स्थित गुघाल मंदिर से छावनी के लिए रवाना हुई।

ज्वालापुर बाजार, श्रीराम चौक, ऊंचा पुल, आर्यनगर, शंकर आश्रम, योगी विहार, खन्ना नगर, चंद्राचार्य चौक, रानीपुर मोड़, टिबड़ी मोड़, ऋषिकुल तिराहा, देवपुरा, शिवमूर्ति चौक व वाल्मीकि चौक होते हुए पेशवाई ने देर शाम माया देवी मंदिर परिसर स्थित अपनी छावनी में प्रवेश किया।परंपरा के अनुसार धर्मध्वजा के पीछे अखाड़े के देवता और फिर आचार्य महामंडलेश्वर शिवेंद्रपुरी महाराज का रथ चल रहा था। अखाड़े के संरक्षक श्रीमहंत नीलकंठ गिरि का रथ उनके पीछे था। पेशवाई में 16 मढ़ी हरियाणा से आए श्रीमहंत महेंद्र पुरी, 13 मढ़ी गुजरात से आए श्रीमहंत भारद्वाज गिरि, चार मढ़ी मध्य प्रदेश व 14 मढ़ी जम्मू कश्मीर से आए रमता पंचों के अलावा अखाड़े के महामंत्री श्रीमहंत सत्य गिरि, सभापति पूनम गिरि, श्रीमहंत बिहारी गिरि, श्रीमहंत राकेश गिरि, श्रीमहंत राजेंद्र भारती, श्रीमहंत भोला गिरि, श्रीमहंत मनमोहन गिरि, श्रीमहंत बालयोगी पुरी आदि शामिल थे।

उत्तराखंड सरकार के लिए  हाईकोर्ट का आदेश, कुंभ मेला क्षेत्र में  कोविड अस्पताल बनाएं

हाईकोर्ट ने शुक्रवार को क्वारंटाइन सेंटरों की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर दायर जनहित याचिकाओं पर सुनवाई की। कोर्ट ने सभी जिलों के डीएम से अपने जिलों में सामाजिक दूरी का पालन कराए जाने को कहा है। कोर्ट ने कुंभ मेला के तहत हरिद्वार क्षेत्र में हो रहे पुलों, सड़कों, फ्लाईओवर आदि निर्माण कार्यों की प्रगति के बाबत भी जानकारी मांगी। साथ ही सरकार को निर्देश दिए हैं कि वह कुंभ मेला क्षेत्र में कोविड अस्पतालों को स्थापित कर उनमें समुचित व्यवस्थाएं पूर्ण कर मेलाधिकारी से उक्त निर्माण कार्यों की स्पष्ट फोटोग्राफी करवाकर विस्तृत शपथपत्र के साथ 23 मार्च तक जवाब पेश करें।

न्यायालय ने उक्त सभी निर्माण कार्यों की जांच के लिए जिला जज हरिद्वार, उच्च न्यायालय के मुख्य स्थायी अधिवक्ता, याचिकाकर्ता के अधिवक्ता शिव भट्ट को शामिल कर कमेटी गठित की। यह कमेटी 14 मार्च को मेलाधिकारी कुम्भ मेला हरिद्वार के साथ मिलकर कुम्भ मेले के सम्पूर्ण क्षेत्र में हो रहे सभी प्रकार के निर्माण कार्यों एवं अन्य व्यवस्थाओं की जांच करेंगे। जिला जज हरिद्वार इस पर अपनी एक विस्तृत रिपोर्ट हाईकोर्ट को भेजेंगे। मामले की अगली सुनवाई के लिए 24 मार्च की तिथि नियत की गई है। इस मामले की सुनवाई शुक्रवार को मुख्य न्यायाधीश आरएस चौहान एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ में हुई।

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि कुंभ को लेकर अभी भी हरिद्वार में फ्लाईओवर का कार्य पूरा नहीं हुआ है और हरिद्वार की आंतरिक सड़कों का निर्माण कार्य भी पूरा नहीं हुआ है। अधिवक्ता ने मेला परिसर का निरीक्षण कराने की मांग की। इस पर कोर्ट ने जांच को लेकर कमेटी गठित की। अधिवक्ता दुष्यंत मैनाली एवं देहरादून निवासी सच्चिदानंद डबराल की ओर से याचिका दायर की गई है। इसमें क्वारंटाइन सेंटरों एवं कोविड अस्पतालों की बदहाली, उत्तराखंड वापस लौट रहे प्रवासियों की मदद और उनके लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने को लेकर हाईकोर्ट में अलग-अलग जनहित याचिकाएं दायर की गई हैं।

मुख्यमंत्री ने इन्हें सौंपी 13 जिलों की जिम्मेदारी

राज्य सरकार के 4 साल पूरे होने पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत जहां जनता के सामने 4 साल में किए गए विकास कार्यों का ब्यौरा रखेंगे, वहीं मुख्यमंत्री ने 13 ओएसडी, सलाहकारों को बड़ी ज़िम्मेदारी सौंपी है।

दरअसल मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सरकार के 4 साल के मौके पर प्रदेश भर में होने वाले कार्यक्रमों को लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े सभी ओएसडी, सलाहकार, पीआरओ को जिलेवार जिम्मेदारी सौंपी है।

मुख्यमंत्री के ओएसडी धीरेंद्र पवार को देहरादून जिले, मुख्यमंत्री के पीआरओ शैलेंद्र त्यागी को हरिद्वार जिले की जिम्मेदारी सौंपी है। वहीं मुख्यमंत्री के आर्थिक सलाहकार आलोक भट्ट को पौड़ी जिले की जिम्मेदारी दी गई है तो मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रमेश भट्ट को टिहरी जिले, आर्थिक सलाहकार केएस पंवार को रुद्रप्रयाग जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

मुख्यमंत्री ने प्रोटोकॉल अधिकारी आनंद सिंह रावत को उत्तरकाशी, आईटी सलाहकार रवेंद्र दत्त को चमोली जिले, ओएसडी अभय रावत को उधम सिंह नगर जिले की जिम्मेदारी दी है।

ओएसडी उर्वादत्त भट्ट को नैनीताल जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है तो ओएसडी विनीत बिष्ट को अल्मोड़ा जिले की जिम्मेदारी और पीआरओ विजय बिष्ट को बागेश्वर जिले की जिम्मेदारी दी गई है।

मीडिया कोआरडीनेटर दर्शन सिंह रावत को चंपावत जिले एवं ओएसडी जगदीश चंद्र खुल्वे को पिथौरागढ़ जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

चीन सीमा क्षेत्र में मलारी हाईवे पर एक महीने बाद शुरू हुई आवाजाही, बनाया गया देश का सबसे लंबा वैली ब्रिज

उत्तराखंड में सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने मलारी हाईवे पर रैणी में वैली ब्रिज निर्मित कर चीन सीमा क्षेत्र में यातायात सुचारु कर दिया है। 200 फुट लंबे ब्रिज को स्थापित करने में बीआरओ को आठ दिन लगे। शुक्रवार को बीआरओ के अधिकारियों के वाहनों की आवाजाही के साथ ही मलारी हाईवे को खोल दिया गया है। हाईवे के सुचारु होने पर चीन सीमा क्षेत्र में मुस्तैद सेना व आईटीबीपी के जवानों के साथ ही नीती घाटी के ग्रामीणों ने भी राहत की सांस ली है।

सात फरवरी को ऋषि गंगा की जल प्रलय में रैणी गांव के समीप मलारी हाईवे पर 90 मीटर लंबा मोटर पुल बह गया था, जिससे सीमा क्षेत्र के 13 गांव अलग-थलग पड़ गए थे। साथ ही सेना के जवानों की आवाजाही भी ठप होग गई थी। जिस स्थान पर पुल था, वहां मलबे के ढेर पड़े हुए थे। बीआरओ ने तत्परता दिखाकर नौ फरवरी से ही मलबा हटाने और हाईवे को सुचारु करने का कार्य शुरू किया।

बीआरओ के चीफ इंजीनियर आशु सिंह राठौर के नेतृत्व में रैणी में ऋषि गंगा के दोनों छोर पर एवेटमेंट का निर्माण किया गया। पुल निर्माण के लिए 100 से भी अधिक मशीनें और इतने ही मजदूर लगाए गए।

उत्तराखंड चारधाम यात्रा पर आने वाले यात्री ध्यान दें.. करना होगा गाइडलाइन का पालन

कोरोना काल में बड़े आयोजन कराना किसी चुनौती से कम नहीं है। इसके लिए राज्य सरकार विशेष गाइडलाइन तैयार कर रही है, ताकि कोरोना संक्रमण के जोखिम को कम किया जा सके। कुछ दिन पहले हरिद्वार महाकुंभ के लिए एसओपी जारी की गई और अब राज्य सरकार चारधाम यात्रा के लिए एसओपी तैयार कर रही है। चारधाम यात्रा के लिए उत्तराखंड आने वाले श्रद्धालुओं को उत्तराखंड सरकार की एसओपी का पालन करना पड़ेगा। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि चारधाम यात्रा के लिए समयानुसार एसओपी बनाई जाएगी। एसओपी तैयार करते वक्त वर्तमान परिस्थितियों का आकलन किया जाएगा। उसी के अनुसार एसओपी तैयार की जाएगी। हालांकि इस वक्त सरकार का पूरा फोकस हरिद्वार महाकुंभ पर है। महाकुंभ को दिव्य और भव्य बनाने के लिए राज्य सरकार की तरफ से पूरे इंतजाम किए गए हैं। हर वर्ग का विशेष ध्यान रखा गया है।

 

उत्तराखंड में 3 जिलों में मौसम विभाग ने जारी किया यलो अलर्ट.. बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट

उत्तराखंड में मौसम एक बार फिर करवट बदलने को तैयार है। शुक्रवार को पर्वतीय इलाकों में हल्की बारिश व बर्फबारी हो सकती है। प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता का असर चार दिनों तक बना रहेगा। बात करें अगले 24 घंटों की तो प्रदेश के तीन जिलों में कहीं-कहीं बारिश, बिजली गिरने और बर्फबारी के आसार हैं। खासकर उच्च हिमालयी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को संभलकर रहना होगा। यहां बारिश हो सकती है, साथ ही बिजली गिरने और बर्फबारी की भी संभावना है। जिन तीन जिलों में आज बारिश बर्फबारी की संभावना है, उनमें उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ शामिल हैं। देहरादून और हरिद्वार समेत अन्य जिलों में मौसम शुष्क बना रहेगा। पहाड़ में बारिश-बर्फबारी से तापमान में गिरावट आएगी। इन दिनों मैदानी इलाकों में जहां धूप खिली है तो वहीं दूसरी तरफ पर्वतीय इलाकों में बारिश-बर्फबारी का दौर जारी है। चमोली जिले के ऊंचाई वाले इलाकों में हिमपात की खबर है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार आज देर रात से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिसका असर अगले कुछ दिनों तक बना रहेगा।

रोजगार समाचार:UKSSSC में 541 पदों पर भर्ती.. 26 मार्च तक करें आवेदन

उत्तराखंड में बेरोजगार युवाओं के लिए सरकारी नौकरी पाने का एक बड़ा मौका सामने आया है। अगर आप भी सरकारी नौकरी प्राप्त करने के इच्छुक हैं तो यह खबर आपके लिए ही है।उत्तराखंड अधीनस्थ चयन सेवा आयोग (यूकेएसएसएससी) ने उत्तराखंड के अलग-अलग विभागों में अकाउंट्स से संबंधित 541 पदों की भर्तियां निकाली हैं। यूकेएसएसएससी ने उत्तराखंड के अलग-अलग विभागों में असिस्टेंट रिव्यू ऑफिसर, अकाउंटेंट्स, असिस्टेंट अकाउंटेंट्स, कैशियर कम असिस्टेंट अकाउंटेंट् की 541 पोस्ट्स निकाली हैं। इच्छुक अभ्यर्थी 26 मार्च तक आवेदन कर सकते हैं। 26 मार्च के बाद आवेदन की प्रक्रिया बंद हो जाएगी। बता दें कि आवेदकों की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु 42 वर्ष तय की गई है।

अलग-अलग विभागों में असिस्टेंट, अकाउंटेंट, ऑडिटर समेत कई पदों की 541 वैकेंसी निकाली गई हैं। वेतन 25,500 – 1,42,400 प्रति महीना तय किया गया है। उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु 42 वर्ष तक निर्धारित की गई है। एक उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से स्नातक की डिग्री होना अनिवार्य है। इच्छुक उम्मीदवार इस वेबसाइट www.sssc.uk.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।इस नौकरी के लिए उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा के आधार पर किया जाएगा। लिखित परीक्षा जुलाई में आयोजित की जाएगी। जनरल कैटेगरी में आने वाले अभ्यर्थियों के लिए 300 रुपए, एसटी एससी एवं अन्य आरक्षित वर्गों के लिए 150 रुपए एप्लीकेशन फीस तय की गई है। ऑनलाइन एप्लीकेशन भरने की अंतिम तिथि 26 मार्च है और फीस भरने की अंतिम तिथि 28 मार्च है। भर्ती प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद जुलाई 2021 में लिखित परीक्षा आयोजित होगी।

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