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कुमार

social worker and..........

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6 Comments

  1. 1

    Chandar shekhar

    Good job Kumar ji

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  2. 2

    Deepak

    Sir
    आप ये बताइए, आप प्राइवेट courier service choose करेंग करेंगे या फिर पोस्ट ऑफिस द्वारा डांक भेजना प्रिफर करेंगे?
    आपका लेख का आधा हिस्सा, सिर्फ सवाल उठाता है, समाधान नहीं सुझाता।
    सरकार का निर्णय बिल्कुल सही है। सरकार का काम facilator का होना चाहिए, व्यापारी का नहीं।
    सरकारी उपक्रम प्रायः लापरवाही से ही चलते हैं और घाटे में भी रहते हैं (BSNL, AIR INDIA, India Post आदि), रेलवे को छोड़ कर क्यूंकि वहां विकल्प नहीं है । इस सब में बर्बादी तो आप हम जैसे टैक्स payers के पैसों का ही होता है।

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    1. 2.1

      कुमार

      प्रिये दीपक जी मुझे अच्छा लगा आपने अपने विचार प्रकट किये, परन्तु आप मुझे ये बताईये की क्या जो प्राइवेट कंपनी जो कर सकती हैं वो काम सरकारी कंपनी नहीं कर सकती?
      रही बात लापरवाही की तो सरकारी मुलाज़िम आप और हम ही तो हैं और आपने मुझे सवाल पूछा है की आप कोन सी कूरियर सर्विस चुनगें, तो में आपको बताना चाहता हूँ, सरकारी कूरियर सर्विस भी बहुत अच्छी है। कोई भी सरकारी लेटर या आर्डर कभी लेट होता है क्या? मैं आपसे ये पूछता हुँ, की क्या आप जब बीमार होते है तो क्या आप सरकारी हॉस्पिटल मे जाते भी हैं और जाते भी हैं तो क्या उतना ही ध्यान रखते हैं, साफ़ सफाई का जितना किसी निजी हॉस्पिटल में रखते है?
      जॉब सबको सरकारी चाहिए परन्तु शिक्षा के लिए स्कूल प्राइवेट जब तक हम अपने बच्चे सरकारी स्कूलों में नहीं भेजेंगे तो उन स्कूलों को तो बंद ही करना पड़ेगा।
      इस आर्टिकल में हमने किसी एक का पक्ष नहीं लिया है।

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  3. 3

    Ravi kanyal

    Gud work for brother

    Reply
    1. 3.1

      कुमार

      Thank you Ravi Manual jiii

      Reply
  4. 4

    shashwat

    nice article

    Reply

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