क्योंकि बीता हुआ कल वापस नहीं आता- श्राद्ध स्पेशल स्टोरी
आज मैं आपको पित्र पक्ष और श्राद्ध से संबंधित कहानी बताऊंगी, जिसमें तीन किरदार हैं - पहला किरदार है अम्मा जी, जो बहुत बीमार...
ढलता हुआ सूरज (पुत्र के आधुनिक और पेरेंट्स के पुराने होने की मार्मिक कहानी)
मैं ढलता हुआ सूरज हूँ। लाचार, बेबस और असहाय, मुझे मेरी उस संतान ने ही सड़क पर लाकर रख दिया है। जिस पर मै...
कैसा हो शिक्षक का व्यवहार?
यूं तो हम सभी की पहली शिक्षिका हमारी माता जी होती हैं, जो बचपन से ही हर बात बहुत बारीकियों से सिखाती हैं कि...
अल्मोड़ा की जलेबियाँ
अल्मोड़ा अपनी प्राकृतिक सुंदरता के साथ और भी कई बातों के लिए जाना जाता है। जिनमे से एक नाम आते ही - मुँह में...
बद्रीनाथ धाम का विकास भी केदारनाथ धाम की तर्ज पर होगा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अनुमोदन मिलते ही लगभग 400 करोड़ की लागत से बद्रीनाथ धाम का विकास भी केदारनाथ धाम की तर्ज पर किया...
मैं हल्द्वानी हूँ, लोग कहते है – मैं बदल गया हूँ, और मैं (हल्द्वानी)...
अपने - अपने नज़रिये से तो हम शहर को देखते और बाते करते है। पर एक शहर कैसे सोचता होगा - इसकी कल्पना कर...
देवभूमि उत्तराखंड में धूमधाम से मनाया जाने वाला सातों आठों पर्व
देवभूमि उत्तराखंड को देवों की तपोभूमि के नाम से जाना जाता है यहां की संस्कृति सभ्यता की तो बात ही अलग है। पूरे साल...
दीर्घ और स्वस्थ्य जीवन जीने के सूत्र
गौतम बुद्ध ने कहा है "हर मनुष्य अपने स्वास्थ्य का खुद ही लेखक होता है"।दीर्घ जीवन जीना और अच्छा जीवन जीना हमारे नित्य दिन...
30 से अधिक फिल्मों की शूटिंग पूरी हुई उत्तराखंड में
हाल ही में मिली जानकारी के अनुसार फिल्म विकास परिषद (उत्तराखंड फिल्म डेवलपमेंट काउंसिल - UFDC) के नोडल अधिकारी ने बताया कि, उत्तराखंड में...
उत्तराखंड जागर : सदियों पुरानी लोक परम्परा
नैसर्गिक सुंदरता से भरे उत्तराखंड के अनेकों दूरस्थ गांव, भले ही इन गांवो में पहुंचने का मार्ग कितना ही दुर्गम क्यों न हो, ये...
केदारनाथ- साक्षात शिव का धाम
नमो नमो हे शंकरा, भोलेनाथ शंकरा, आदिदेव शंकरा बुद्धि देव हे महेश्वरा!जब भी इस गाने के शब्द सुनती हूं, साक्षात वही दृश्य मेरी आंखों...
जगह के साथ अपनी जड़ों से भी दूर होते लोग
महानगरों की चमक से आकर्षित हो, हम चले आते हैं छोड़ कर, अपनी जगह को और हो जाते हैं जड़ों से दूर। और इस...
ऐपण कुमाऊँ की पारंपरिक कला
ऐपण या अल्पना एक लोक चित्रकला है। जिसका कुमाऊँ के घरों में एक विशेष स्थान है। ये उत्तराखण्ड की एक परम्परागत लोक चित्रकला है।...
हल्द्वानी मेरा शहर
नैनीताल जिले का शहर हल्द्वानी 1901 में 6000 लगभग की आबादी के साथ बसा था जो भाभर क्षेत्र का मुख्यालय हुआ करता था। यहाँ...
“किलमोड़ी” कई बीमारियों की दवा
किलमोड़े की कटीली झाड़ियाँ उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रो में बहुत देखी जा सकती है, लेकिन जानकारी के आभाव में इसका उतना उपयोग नहीं है।...
पिथोरागढ़ के भूमि रक्षक, क्षेत्रपालक प्रसिद्ध गुफा एवं मंदिर – लटेश्वर” देव
आज हम आपको एक मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसका नाम "लटेश्वर" मंदिर है, लटेश्वर अथवा लाटेश्वर मंदिर "थलकेदार" से लगभग...
पलायन रूपी पहिया ऊंचाई से ढलान को घूमता
"पलायन पलायन सब करें, पलायन रोके ना कोई,अगर पहाड़ में रह कर ही व्यवसाय करें, तो पलायन काहे को होई।"उत्तराखंड के गांवों से शहरों...
तिमिल कैंसर रोधी फल
फल का नाम
तिमिलहिन्दी में नाम
अंजीरअंग्रेजी में नाम
Elephant Figवैज्ञानिक नाम
फाईकस आरीकुलेटा(Ficus auriculata)कुल का नाम
मोरेसी उत्तराखण्ड में कई किस्म के बहुमूल्य जंगली फल , जड़ी बुटिया बहुतायत...
अब का हु रो पोल्ट (पल्ट)
पोलट या पलट आपन पहाड़ों पने य परम्परा अब विलुप्त हुणे कगार पर छु। कोई कोई गोनु में य परम्परा आई ले बच रे।...
काल गणना – प्राचीन उन्नत भारतीय ज्ञान
हमारे देश की संस्कृति व यहां का प्राचीन ज्ञान जो वेदो, शास्त्रों में यहां के ऋषि मुनियो द्वारा लिखा गया है। वह इतना रोचक...






















