ना कह पाने की व्यथा की कथा
यात्रा ए लेह
जब भी किसी मित्र को यात्रा वृतांत अथवा किस्से कहानियां सुनाते पाते है तो बड़ा रश्क होता है कि देखो, कितना भाग्यशाली...
कहाँ गया वो अल्मोड़ा!
आज लगभग बयालीस वर्षों के बाद अपनी जन्मभूमि अल्मोड़ा की पावन भूमि की मिट्टी को अपने माथे पर लगाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। मन...
सपनों की साइकिल से हकीकत का सफर
यह बात है उन दिनों की जब मैं छठी कक्षा में पढ़ती थी।सपनों की साइकिल से हकीकत का सफरजब मैं साइकिल...
जब की -अँधेरे में सुनसान सड़क से गुजरती लड़की की मदद की कोशिश
बात कुछ 20 वर्ष पुरानी है, अपने कॉलेज के दिनों में, एक शाम मित्र और मैं ब्राइट एंड कार्नर वापस लौट रहे थे, रात...
काफल का पेड़
काफल का पेड़, जो मेरे घर के पीछे स्थित था।मैं तब छोटा था, अल्मोड़ा में, पनियाँउडार मुहल्ले में रहता था। वहीं था ये काफल...
इंतजार करती थकती बूढी आँखें, और लौट कर ना आती जवां खवाहिशे
मेरा आज का विषय पलायन से जुड़ा हुआ है।ये वर्ष 2000 की बात है मैं अपने पैतृक घर गंगोलीहाट ईष्ट की पूजा के लिए...
अनजान सही, तो भी बताना होता है, रिश्तों को कभी यो भी निभाना होता...
हर साल की तरह इस साल भी शिक्षक दिवस पर सकुचे शरमाये से हम हाँ पर हाँ मिलाये जा रहे थे। वैसे तो हमारे...
घर जो छोड़ना पड़ा
चम्पानौला का तिमंजिला मकान, मेरी दिल्ली वाली बुआ के ससुराल वालों का था, और हम लोग उस मकान के पाँच कमरों मे साठ रुपये...
नंदादेवी कौतिक का वो उत्साह
आहा झोड़ा गाते गाते गोल गोल घुमते स्त्री और पुरुष, हुडुके की थाप, एक दुसरे के कंधो पर हाथ, मानव शृंखला मदमस्त नून तेल...
बारिश की वो रात…
वर्ष 199612th का एग्जाम देकर कोई काम धंधा ढूंढ रहा था, तभी अखबार में वैकेंसी दिखी - डोर टू डोर मार्केटिंग के लिए। मैं...
अल्मोड़ा दो दशक पहले!
तब लोग मिलन चौक में लाला बाजार से थाना बाजार तक तो लगभग रोज ही घूम आते। अब भी शायद जाते हों। यह हैं अल्मोड़ा का मशहूर मिलन चौक, नाम के अनुरूप...
एक्जाम की कॉपियाँ
आज अचानक से नजर पड़ी एक गट्ठर पर, सफ़ेद-कापियां पैरेलल रूल वाली- जिनमें लिखा होता है ‘उत्तर-पुस्तिका’। भाईसाब अपने हाई-स्कूल और इंटर के दिन...
मास्क, सेनेटाइजर के तले – कुचले अरमान
जनाब वैसे तो इस कोरोना के नाम से ही दहशत व्याप्त है, सुबह शाम दोपहर जब भी टेलीविजन खोलो दिल बैठ सा जाता है।...
जंगली सुअरों से खेती को ऐसे बचाया
उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के गरुड़ विकासखंड के अणां गांव के काश्तकारों ने खेतों में लगी फसलों को जंगली सुअरों से बचाने के लिए...
कुमाऊं में महिला रिसर्चर के रूप में कार्य करते हुए अनुभव
कोई दो साल पहले एक रिसर्च के सिलसिले में कुमाऊं के कुछ इलाकों में घूम रही थी, लोगों से मिल रही थी, इंटरव्यूज़ कर...
पहाड़ों की सुबह
पहाड़ के गाँव में सुबह जल्दी हो जाने वाली हुयी।सुबह 5 बजे से बरसात शुरू हो गयी थी, लेकिन आज के सुबह के काम...
अंधेरी रात के चमकीले भूत का सच
दोस्तों मैं आज आपको कहानी बताने जा रही हूं, अंधेरी रात के चमकीले भूत की। इस कहानी में पांच-छह साल के बच्चों का ग्रुप...
पोखरा में मिले एक ड्राइवर ने कैसा व्यवहार किया!
साल 2007
मुझे 1 सप्ताह के लिए नेपाल जाना था, एक मार्केट सर्वे के लिए। अगस्त का महीना था, उत्तर बिहार बाढ़ में डूबा हुआ...
महात्मा बुद्ध जिनसे जुड़े हैं भारत और श्रीलंका का इतिहास
साल 2015
मैं 2 सप्ताह के लिए श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में था। श्रीलंका के पश्चिमी तट पर स्थित कोलंबो एक बेहद खूबसूरत शहर है,...
वो बचपन की यादें और शरारतें
बात है उस समय की जब मैं प्राइमरी स्कूल में पढ़ती थी जो कि सिर्फ प्री नर्सरी से फिफ्थ क्लास तक था और मेरे...






















