childhood village lfie

बचपन वाली गर्मियों की छुट्टियां

बचपन की यादों मे नैनीताल के साउथ वूड कोटेज की हल्की हल्की यादे अब तक साथ निभा रही हैं। बाबुजी अल्मोडा मे कार्यरत थे,...

पर क्या पता है तुम्हे, मुझे पता है (कविता)

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हां मैं नहीं कर सकता गौर, तुम्हारी कानों की नई इयररिंग्स को।हां मै नही कह सकता हर बार, तुम्हारे दुपट्टे और नेल पोलिश का कलर, हर...
almora lala bazar

अल्मोड़ा लाला बाजार की यादें

अब धीरे धीरे हल्द्वानी की सार पड़ती जा रही है।बात बात मे अब शिमला मे ऐसा, शिमला मे वैसा कम निकलता है, शिमला मे...
Almora

कहाँ गया वो अल्मोड़ा!

आज लगभग बयालीस वर्षों के बाद अपनी जन्मभूमि अल्मोड़ा की पावन भूमि की मिट्टी को अपने माथे पर लगाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। मन...
naintal days

बारिश में ये मौसम और आँखों में नमी नैनीताल के पुराने दिनों की

आज सुबह से बरसात ने मौसम सुहावना कर दिया है। बरामदे मे कुर्सी डाल गरम चाय की प्याली के साथ अतीत की गहराईयो मे...

अल्मोड़ा दो दशक पहले!

तब लोग मिलन चौक में लाला बाजार से थाना बाजार तक तो लगभग  रोज ही घूम आते। अब भी शायद जाते हों। यह हैं अल्मोड़ा का मशहूर मिलन चौक, नाम के अनुरूप...

….और ट्रेन चलने लगती है

यह कहानी है 5 साल की छोटी बच्ची की, जो ट्रेन में अपनी मम्मी से बिछड़ जाती है। उसके बाद उसकी क्या प्रतिक्रिया होती...
almora patal bazar

आँगन बचपन वाले अब कहाँ!

बचपन!  क्या दिन हुआ करते थे वो भी। सुबह-सुबह  बिस्तर से उठकर घर की देहरी में बैठकर, मिचमिचाई आँखों को मलते हुऐ, मैं, आँगन...

अफ्रीकन महिला – अपनत्व बिना शब्दों के!

साल 2008 मैं पहली बार अफ्रीका गया था, और 3 महीने के लिए दार ए सलाम, तंजानिया में था। यह हिंद महासागर के किनारे बसा...
elerly couple

ढलता हुआ सूरज (पुत्र के आधुनिक और पेरेंट्स के पुराने होने की मार्मिक कहानी)

मैं ढलता हुआ सूरज हूँ। लाचार, बेबस और असहाय, मुझे मेरी उस संतान ने ही सड़क पर लाकर रख दिया है। जिस पर मै...

ईमानदारी में जब विनम्रता जोड़ी जाती है तो, परिणाम आता है सम्मान

साल 2002 एक टेक्सटाइल कंपनी में, मैंने एग्जीक्यूटिव ट्रेनी के तौर पर ज्वाइन किया था। प्रशिक्षण के सिलसिले में दो सप्ताह के लिए लुधियाना सेल्स ऑफिस...

वो बचपन की यादें और शरारतें

बात है उस समय की जब मैं प्राइमरी स्कूल में पढ़ती थी जो कि सिर्फ प्री नर्सरी से फिफ्थ क्लास तक था और मेरे...

बस में वो अकेली लड़की (कविता)

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बस की किनारे वाली सीट की खिड़की से, बाहर झांकती वो लड़की।पीछे छुटते पहाड़ों, नदी और नदी के पार, उंचाई पर पर बसे...

मुंबई की तेज भागती जिंदगी से तालमेल

साल 2010 मैं अफ्रीका छोड़कर हिंदुस्तान लौट आया था। एक जर्मन मल्टीनेशनल की इंडियन सब्सिडियरी जॉइन किया था। यूं तो यह कंपनी प्रोजेक्ट सेल्स में...

पोखरा में मिले एक ड्राइवर ने कैसा व्यवहार किया!

साल 2007 मुझे 1 सप्ताह के लिए नेपाल जाना था, एक मार्केट सर्वे के लिए। अगस्त का महीना था, उत्तर बिहार बाढ़ में डूबा हुआ...
almora patal bazar

घर जो छोड़ना पड़ा

चम्पानौला का तिमंजिला मकान, मेरी दिल्ली वाली बुआ के ससुराल वालों का था, और हम लोग उस मकान के पाँच कमरों मे साठ रुपये...
Haridwar Ganga River

माँ गंगा ने बुलाया है – हरिद्वार यात्रा अनुभव

मैैं यहाँ स्वयं  नही आया, बल्कि माँ गंंगा  ने मुझे बुुलाया था अपने सानिध्य में, अपने शुभ-आशीष  और स्नेह के साथ। माँ  पुत्र को...

सम्मान ऐसी कीमती वस्तु जिसे देने में आपकी जेब से कुछ नहीं जाता

साल 2005 मैं हिंदुस्तान की आर्किटेक्चरल हार्डवेयर की सबसे बड़ी कंपनी में झारखंड और बिहार का सेल्स देखता था। पूरा झारखंड और बिहार घूमता रहता...
village life uttarakhand

अतिथि देवो भव (समृद्ध ग्रामीण पारंपरिक आतिथ्य सत्कार का अनुभव)

आज मैं जब  इस विषय पर  चर्चा करने जा रहा हूँ तो मेंरे अंतर्मन में  अनेक विचारों का आवागमन चल रहा है।कभी सोच रहा...
Nepal People

अपनी बोली बात निभाएँ, रिश्ते स्वयं ही बन जाएंगे…

साल 2007 मैं 4 दिन के लिए नेपाल की राजधानी काठमांडू में था। मैं काठमांडू मार्केट का सर्वे करना चाहता था। काठमांडू हिमालय की तराई...