नमामि गंगे परियोजना के तहत उत्तराखंड में 6 बड़ी योजनाओं का ऑनलाइन लोकार्पण

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज (मंगलवार , 29 September 2020) उत्तराखंड में नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत तैयार परियोजनाओं का ऑनलाइन लोकार्पण करेंगे। लोकार्पण कार्यक्रम सुबह 11 बजे से शुरू होगा। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत कार्यक्रम में सचिवालय से जुड़ेंगे। जबकि कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज और मदन कौशिक, विधायक हरिद्वार (ग्रामीण) स्वामी यतीश्वरांद और BHEL रानीपुर के विधायक आदेश चौहान भी कार्यक्रम में भाग लेंगे। वे अलग-अलग परियोजना स्थलों पर मौजूद रहेंगे।

परियोजना निदेशक उदय राज सिंह के मुताबिक, कार्यक्रम की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। पीएम जिन छह परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे, उनमें हरिद्वार जिले के जगजीतपुर में 68 एमएलडी एसटीपी, 27 एमएलडी का अपग्रेडेशन एसटीपी और सराय में 18 एमएलडी का एसटीपी शामिल हैं  इसके अलावा पीएम चंडीघाट पर गंगा अवलोकन म्यूजियम, ऋषिकेश में लक्कड़घाट पर 26 एमएलडी के एसटीपी, चंद्रेश्वर नगर में 7.5 एमएलडीमुनि की रेती चोर पानी में पांच एमएलडी एसटीपी, बदरीनाथ में एक एमएलडी0.01 एमएलडी एसटीपी शामिल हैं।

उत्तराखंड में हरिद्वार-ऋषिकेश क्षेत्र से गंगा नदी में लगभग 80 प्रतिशत अपशिष्ट जल बहाया जाता है। ऐसे में यहां कई एसटीपी परियोजनाओं का निमार्ण गंगा नदी को स्वच्छ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

गंगा नदी के किनारे बसे 17 शहरों से नदी में प्रवाहित होने वाले अपशिष्ट जल के उचित प्रबंधन के लिए उत्तराखंड में शुरु की गई सभी 30 परियोजनाओं का निमार्ण कार्य सौ फीसदी पूरा हो चुका है जो कि अपने आप में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।

प्रधानमंत्री गंगा नदी के कायाकल्प के लिए सांस्कृतिक और जैव विविधता के क्षेत्र में की गई ग​तिविधियों को प्रदर्शित करने वाले अपने तरह के पहले संग्रहालय “गंगा अवलोकन ” का भी उद्घाटन करेंगे। यह संग्रहालय हरिद्वार के चंडी घाट में स्थित है।

लोकार्पण कार्यक्रम सुबह 11 बजे से 11.25 बजे तक चलेगा। इससे पूर्व जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ऑनलाइन पीएम मोदी का स्वागत करेंगे। इस दौरान नमामि गंगे परियोजना पर एक लघु फिल्म भी दिखाई जाएगी। इसके बाद प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का संबोधन भी होगा। पीएम “Rowing down the Ganges” पुस्तक और ग्राम पंचायतों व पानी समिति के तहत मार्गदर्शिका का विमोचन भी करेंगे। रंगीन चित्रों वाली यह पुस्तक गंगा नदी की जैव विविधता और उसकी संस्कृति को एक साथ जोड़कर प्रस्तुत करने का एक बेहतरीन प्रयास है। गंगा नदी के गोमुख से निकल कर गंगा सागर में समुद्र में गिरने तक इसमें नाव के जरिए यात्रा करने वाले क्या क्या देख सकतें है इसका वृतांत पुस्तक में बखूबी पेश किया गया है।
प्रधानमंत्री इस अवसर पर “जल जीवन मिशन” और ग्राम पंचायतों के लिए मार्गदर्शिका तथा “पानी समितियों” के लिए प्रतीक चिन्हों (लोगो) का भी अनावरण करेंगे।


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