जानिए भारतीय संविधान से जुड़ें महत्वपूर्ण तथ्य

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भारतीय संविधान विश्व में सबसे बड़ा लिखित संविधान है, जिसमें 395 अनुच्‍छेदों और 8 अनुसूचियां हैं।

प्रतिवर्ष, गणतंत्र दिवस के अवसर पर भारत की राजधानी दिल्ली स्थित इंडिया गेट से लेकर राजपथ तक परेड निकाली जाती है। इस परेड में भारत की तीनों सेनाएं- थल सेना, जल सेना और वायु सेना भी भाग लेती हैं। दिल्ली के साथ साथ देश के सभी राज्यों की राजधानियों में भी परेड का आयोजन किया जाता है।

26 जनवरी – इसी दिन आज से 71 वर्ष पूर्व, सन् 1950 को भारत सरकार अधिनियम (एक्ट) (1935) को हटाकर भारत का अपना नया संविधान लागू किया गया था। एक स्वतन्त्र गणराज्य बनने और देश में कानून का राज स्थापित करने के लिए संविधान को 26 नवम्बर 1949 को भारतीय संविधान सभा द्वारा अपनाया गया और 26 जनवरी 1950 को इसे एक लोकतान्त्रिक सरकार प्रणाली के साथ लागू किया गया था। भारत के संविधान को बनने में 2 वर्ष, 11 माह और 18 दिनों का समय लगा था।

26 जनवरी – यह तारीख भारत के तीन राष्ट्रीय अवकाशों में से एक है, शेष दो स्‍वतन्त्रता दिवस और गांधी जयंती हैं।

भारतीय संविधान से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें

हमारा संविधान देश के समस्त नागरिकों को लोकतांत्रिक तरीके से अपनी सरकार चुनने का अधिकार देता है। 26 जनवरी 1950 को देश के प्रथम राष्ट्रपति, डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद ने 21 तोपों की सलामी के साथ ध्वजारोहण कर भारत को पूर्ण गणतंत्र घोषित किया गया।  संविधान लागू होने के बाद डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद ने वर्तमान संसद भवन के दरबार हॉल में राष्ट्रपति की शपथ ली थी, और इसके बाद पांच मील लंबे परेड समारोह के बाद इरविन स्टेडियम में राष्‍ट्रीय ध्‍वज फहराया था।

संविधान की मूल प्रति हस्तलिखित थी, जो कि प्रेम बिहारी नारायण रायजादा ने लिखी थी। संविधान को हाथ से लिखने में कुल छह माह का समय लगा था। जब संविधान लागू हुआ, तब इसमें कुल 395 लेख, 8 अनुसूचियां निहित थीं और संविधान 22 भागों में बंटा हुआ था। संविधान की निर्माण समिति में कुल 284 सदस्य थे।

भारत में गणतंत्र दिवस की पहली परेड, वर्ष 1955 में दिल्ली के मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में आयोजित की गई थी।

राष्ट्रगान गायन के दौरान 21 तोपों की सलामी दी जाती है। 21 तोपों की ये सलामी राष्ट्रगान की शुरूआत से शुरू होती है और 52 सेकेंड के राष्ट्रगान के खत्म होने के साथ सम्पन्न हो जाती है।

देश की राजधानी दिल्ली में राजपथ पर गणतंत्र दिवस की परेड (Republic Day Parade) आयोजित होती है। यह परेड आठ किलोमीटर की होती है और इसकी शुरुआत रायसीना हिल से होती है, फिर राजपथ, इंडिया गेट से होते हुए, लाल किले पर परेड का समापन किया जाता है।

प्रतिवर्ष 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के अवसर पर राज्यों की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक या विशिष्टता दर्शाती झाकियां निकलती हैं, जिसका सीधा प्रसारण टेलीविजन पर भी किया जाता है। गणतंत्र दिवस के अवसर पर इन झकियों को देखने हेतु कई लोग इंडिया गेट भी जाते हैं।

गणतंत्र दिवस के अवसर पर वीरता पुरस्कार के साथ विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट कार्य करते व्यक्तियों को भी राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया जाता है।

राजपथ में भारतीय सेनाओ (थल, नभ और जल) द्वारा अपने पराक्रम और विशिष्टता प्रदर्शित करते सैन्य उपकरणों का प्रदर्शन कराती झाकियाँ निकाली जाती हैं।

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