बागेश्वर नगर की सैर

by Diwakar Rautela
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bageshwar

उत्तराखंड के कुमाऊँ मण्डल में स्थित बागेश्वर –  ऐसा स्थान जहाँ नदी, हिमालय दर्शन, प्राकर्तिक खूबसूरती, पहाड़ी आबोहवा के साथ साथ मैदानी क्षेत्रों सा मौसम मिले। जहाँ वर्तमान में सभी सुविधाओं के साथ साथ ऐतिहासिक प्रमाण देते मंदिर और निर्माण मिलें। जो नगर संस्कृति, इतिहास, कला, साहित्य को अपने में समायें हुए है

जहाँ आपको मिलते हैं कई मंदिर, होते है विशाल हिमालय श्रेणियों दर्शन, जहाँ होता है दो प्रमुखः नदियों सरयू और गोमती का संगम। जहाँ से कई उच्च हिमालयी गावों और चोटियों (जैसे पिंडारी ग्लेशियर आदि) के लिए ट्रैकिंग मार्ग के बेस कैंप के मार्ग गुजरता हैमकर संक्रांति के दिन यहाँ उत्तराखण्ड का सबसे बड़ा मेला लगता है, जिसे उत्तरायणी का मेला नाम से जाना जाता है।

जी ये सारी विशेषताएँ हैं बागेश्वर नगर की, जो समुद्र तल से  1,004 मीटर (3,294 फ़ीट) की ऊंचाई पर स्थित है। 

ये स्थान जिला मुख्यालय भी है, जिसकी सीमाएं अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, चमोली जिलों की सीमाओं से लगी हुई हैं। बागेश्वर नगर के पश्चिम में नीलेश्वर पर्वत, पूर्व में भीलेश्वर पर्वत, उत्तर में सूर्यकुण्ड तथा दक्षिण में अग्निकुण्ड स्थित है।

बागेश्वर नगर में मुख्यतः चार  मुख्य सड़के हैं, मतलब यहाँ से चार अलग अलग स्थानों को जाया जा सकता है;

एक है गरुड़, कौसानी, ग्वालदम रोड;

Kausani

दूसरी ताकुला, बिनसर रोडये दोनों मार्ग अल्मोड़ा  में मिलते हैं।

तीसरी चौकोड़ी, बेरीनाग मार्ग जिसमे उडियारी बैंड से सीधे आगे बेरीनाग होते हुए गंगोलीहाट या अल्मोड़ा को जाते हैं। और उडियारी बंद से थल होते हुए आगे मुनस्यारी या पिथौरागढ़ को।

और चौथी कपकोट, भराड़ी, पिंडारी ग्लेशियर रोड, इसी मार्ग से भराड़ी के बाद एक मार्ग मुनस्यारी के लिए भी जाता है, जो विरथी फॉल के कुछ पहले मिलता है।

बागेश्वर शहर का बस स्टैंड से आपको पिथौरागढ़, अल्मोड़ा,  हल्द्वानी, पिथौरागढ़, गंगोलीहाट,  जैसे शहरों के लिए बसेज मिल जाती हैं। और स्टेशन के समीप से ही बागेश्वर की बाजार भी शुरू हो जाती है।

जिला मुख्यालय होने की वजह से यहाँ सभी कार्यालय व विभाग मौजूद हैं, जैसे, लोक निर्माण कार्यालय, तहसील, अग्निशमन केंद्र, डिस्ट्रिक्ट लाइब्रेरी, बिजली विभाग, indane गैस ऑफिस , BSNL टेलीफोन एक्सचेंज  और कुछ बैंक जैसे SBI, PNB, अल्मोड़ा अर्बन बैंक  आदि ताकुला रोड जिसे तहसील रोड के नाम से भी जाना जाता है में स्थित हैं।

कोतवाली, रोडवेज और KMOU बस स्टेशन आदि कौसानी रोड में हैं।

जिला पंचायत ऑफिस, जिलाधिकारी कार्यालय, जिला अस्पताल कांडा रोड में हैं।

जल संस्थान, डिग्री कॉलेज कठायतबाड़ा  कपकोट मार्ग में हैं। इसके अलावा इन चारों मार्गों में आपको रात्रि रुकने के लिए होटल, गेस्ट हाउस आदि उपलब्ध हो जायेंगे।

तो ये तो था बागेश्वर का भूगोल। 

अब जानते हैं यहाँ के ऐतिहासिक और धार्मिक आकर्षणों के बारे में।

7वीं शताब्दी के समय यहाँ कत्यूरी राजवंश का शासन था। 13वीं शताब्दी में कत्यूरी राजवंश के विघटन के बाद यह क्षेत्र बैजनाथ कत्यूरों के शासन में आ गया। सन् 1602 में राजा लक्ष्मी चन्द ने बागनाथ के वर्तमान मुख्य मन्दिर एवं मन्दिर समूह का पुनर्निर्माण किया था।

Baijnath Temple

Baijnath Temple

बागेश्वर का जिला 199 7 में स्थापित किया गया था। इससे पहले, बागेश्वर अल्मोड़ा जिले का हिस्सा था।

बागनाथ मंदिर के लिए आप SBI तिराहे के समीप पेट्रोल पंप के सामने से या नीचे गोमती पुल के सामने से पैदल मार्ग द्वारा जा सकते हैं. जिनकी दुरी मुख्य सड़क से लगभग 100 – डेढ़ सौ मीटर है।

हिन्दु पौराणिक कथा के अनुसार बाबा मार्कडेय यहाँ शिव जी पूजा किया करते थे जिससे शिव जी एक बाघ के रूप में ऋषी मार्कडेय को आशीर्वाद देने आये थे। बाद में १६०२/ १४०७ ईसवी में चन्द शासक लक्ष्मी चन्द ने 1602 ईस्वी में इसका  भव्य र्निर्माण कराया था। मंदिर में देखी जाने वाली विभिन्न पत्थर की मूर्तियां 7 वीं शताब्दी ईस्वी से 16 वीं शताब्दी ईस्वी तक की हैं ।

यहां पर मकर संक्रांति तथा शिवरात्रि पर भव्य मेला लगता है। बागनाथ मंदिर में मुख्य रूप से बेलपत्री से पूजा होती है। कुमकुम, चंदन, और बताशे चढ़ाने की भी परंपरा है। खीर और खिचड़ी का भोग लगाया जाता है। बागनाथ मंदिर के महत्व को स्कंद पुराण में उल्लेख किया गया है। यहां पूजा करने के लिए पूरे वर्ष हिंदू तीर्थयात्रियों इस स्थान पर आते है।

बागेश्वर के मुख्य आकर्षण हैं यहाँ का बागनाथ मंदिर, चंडिका मंदिर, भीलेश्वर धाम, श्रीहरु मंदिर, बैजनाथ मंदिर, कोट भ्रामरी मंदिर, सूरज कुंड, अग्नि कुंड, नीलेश्वर धाम आदि। यहाँ के अन्य निकटवर्ती आकर्षण है चौकोडी, ग्वालदम, कौसानी, कांडा, कपकोट, मूल नारायण मंदिर, सानिउडियार आदि। साथ ही यह स्थान ट्रेक्किग प्रेमियों की पसंदीदा सूची में आता है, यहीं से पिंडारी ग्लैसियर, कफ़नी ग्लैसियर, नामिक ग्लैसियर आदि के लिए मार्ग है। और इन स्थानो को ट्रेक organize कराते कई adventure activities ऑर्गनाइज़र भी आपको यहाँ मिल जाते हैं।

रात्री विश्राम के लिए आपको budget और deluxe श्रेणी के कई होटल, guest house आदि भी यहाँ उपलब्ध हैं। यहाँ आप वर्ष में कभी भी आ सकते हैं, उत्तराखंड का पारंपरिक भोजन उपलब्ध कराते कई रैस्टौरेंट भी यहाँ हैं।

आशा है की आपको ये जानकारी पसंद आई होगी, बागेश्वर की विस्तृत और रोचक जानकारी देता विडियो देखने के लिए नीचे दिये लिंक पर क्लिक करें।

यह भी पढ़ेंhttps://www.uttarapedia.com/hill-station-kausani/

अल्मोड़ा नगर भ्रमण

 



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