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चारधाम यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं के लिए एक खुशखबरी है। उत्तराखंड की चार्म धाम दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए कई तरह की रियायतें देने के साथ ही कुछ नियमों को भी आसान कर दिया गया
प्रदेश सरकार द्वारा राज्य में आवाजाही के लिए दी गई रियायत के बाद मसूरी में अब पर्यटकों की संख्या बढ़ने लगी है। पर्यटन के लिए पर्यटकों की आवाजाही पर लगे प्रतिबंध हटाने के बाद मसूरी में पर्यटन
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केंद्र सरकार द्वारा अनलॉक 5 की गाइडलाइन में स्कूल और कॉलेजों को 15 अक्टूबर के बाद खोलने की अनुमति दे दी है। स्कूलों और कॉलेजों के खुलने का निर्णय पूर्ण तरह से राज्य सरकार पर निर्भर करेगा। रा
हमारा उत्तराखंड राज्य दो मंडलों में बटा हुआ है कुमाऊं तथा गढ़वाल। दोनों ही मंडलों का अधिकांश भाग पर्वतीय क्षेत्र है, फसलों और खानपान की बात करें तो इन में लगभग समानता ही मिलती है। आज हम मुख्
नानकमत्ता गुरुद्वारा, उत्तराखण्ड में स्थित सिखों के तीन प्रमुख तीर्थ स्थानों में से एक है। अन्य दो स्थान हैं - हेमकुंड साहिब गुरुद्वारा और श्री रीठा साहिब गुरुद्वारा । रीठा साहिब गुरुद्वारा
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1 अक्टूबर से वहाँ चलाने के कई नियमों में बदलाव होने जा रहा है। एक नियम वाहन चालकों के लिए आ रहा है, जिसमें गाड़ी चलाते वक्त फोन पर बात करना भारी पड़ेगा। इस नए नियम के अनुसार मोबाइल का इस्तेम
बद्रीनाथ धाम से लगभग तीन किमी आगे समुद्रतल से 3,111 मीटर की उचाई पर बसा, गुप्त गंगा और अलकनंदा के संगम पर, भारत-तिब्बत सीमा से लगा है - भारत का अंतिम गाँव माणा । बद्रीनाथ जी के दर्शन करने वा
लंबे समय से लॉकडाउन के कारण पर्यटक नैनीताल और राज्य के अन्य पर्यटक स्थलों पर नहीं जा पा रहे थे या बहुत कम संख्या में पहुंच रहे थे। लेकिन लॉकडाउन खुलने के बाद और पर्यटन से प्रतिबंध हटने के बा
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज (मंगलवार , 29 September 2020) उत्तराखंड में नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत तैयार परियोजनाओं का ऑनलाइन लोकार्पण करेंगे। लोकार्पण कार्यक्रम सुबह 11 बजे से शुरू होगा।
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उत्तराखंड से दूसरे राज्यों के लिए बस सेवा, बुधवार, 30 सितंबर से शुरू हो जाएगी। विशेष बात यह है कि, कोरोनाकाल से पहले लिया जा रहा किराया ही यात्रियों से लिया जाएगा । शासन ने कोरोना काल के दौर
पेड़-पोंधो के बीन जीवन असंभव है और इसी की वजह से हम सभी जीव- जीवित हैं, और पर्यावरण पर ही निर्भर हैं लेकिन भविष्य की अंधी होड़ में कुछ लालची मानव भविष्य की चिंता न करते हुए अपने निजी स्वार्थ क
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हां मैं नहीं कर सकता गौर, तुम्हारी कानों की नई इयररिंग्स को। हां मै नही कह सकता हर बार , तुम्हारे दुपट्टे और नेल पोलिश का कलर, हर बार होता है एक सा। हां मैं नहीं कह सकता हर बार , तुम्हारे आई
एक मित्र बहुत वर्ष पहले, बच्चो को होम tuition देने जाता था, सुबह निकलता, और देर शाम घर लौटता, ऐसा नहीं था की वो बहुत लोगों को पढ़ाता, लेकिन उसका ज्यादा वक्त आने – जाने मे खर्च होता, कैसा भी म
देवभूमि उत्तराखंड ने, अध्यात्म की तलाश में इस क्षेत्र में आये विभिन्न विभूतियों को आकर्षित किया है। क्योंकि इस देवभूमि के कण-कण में देवताओं का वास है । इस क्रम में सोमवारी बाबा , हैड़ाखान बा
कोरोना वैश्विक महामारी के कारण दुनिया में अधिकतर कार्यक्रम वर्चुअली आयोजित किए जा रहे हैं, ऐसे में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) का 75वां सत्र भी वर्चुअल स्तर पर हो रहा है। इसकी क्रम में प्र
घनी स्याह रात है, हर जगह संशय है। हर चेहरे में भय है। आज का दिन तो सुरक्षित गुजर गया। कल क्या होगा? एम्बुलेंस के सायरन की आवाज से डर सा लगने लगता है। अगले दिन पता चलता कि फलां मोहल्ले में फल
उत्तराखंड स्थित सिखों और हिंदुओं की अटूट श्रद्धा का केंद्र श्री हेमकुंड साहिब एक विश्व प्रसिद्ध तीर्थ स्थल है। समुद्र तल से लगभग 15,200 फुट (4632 मीटर) की ऊँचाई पर एक झील के किनारे सात पहाड़
मेरा गृह क्षेत्र बग्वालीपोखर (बाड़ी) है, बग्वालीपोखर अल्मोड़ा जिले की उपतहसील है। यूँ तो इस क्षेत्र में कई प्रकार के पेड़ - पौधे है। लेकिन उन सब में खास है, गाँव के बाल भैरव मंदिर के समीप का 'ए