एक DM जो डॉक्टर भी है…

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saurabh IAS Office

Uttarakhand: जिले मुख्य अधिकारी जिलाधीश होता है,जिले की कमान उसी के हाथ में होती है। वह प्रशासनिक इंतजामों को दुरुस्त करता है। जिले में विकास की रोशनी को बढ़ाने की कोशिश करता है। शहरों चलने वाली योजनाओं का लाभ गांव के आखिरी व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास करता है।

कुछ अधिकारी सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं होते वो असल तौर भी विकास करते हैं, वो लोगों की तकलीफ को सुनते समझते और उनका निवारण भी करते हैं। इसी तरह के काम करने वाले टिहरी जिले के डीएम डॉ. सौरभ गहरवार कबात आज हम इस पोस्ट में करेंगे। इस अधिकारी ने पहाड़ के लोगों का दर्द देखा तो उससे जुड़े और अपने डॉक्टरी ज्ञान का उपयोग किया और इलाज शुरू किया। अब उनकी लोकप्रियता की चर्चे पूरे प्रदेश में हैं। लोगों के लिए डॉ. सौरभ सबसे बेहतरीन अधिकारी की भूमिका में दिख रहे हैं।

लोगों का जीवन
पहाड़ के लोगों का जीवन भी पहाड़ जैसा ही कठिन होता है। और वहाँ की स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल,जिसका असर सीधे आम जनता पर पड़ता है। हमें आए दिन गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को इसका भुगतना देना पड़ता है। महिलाओं को अल्ट्रासाउंड कराने सहित अन्य बीमारियों के इलाज के लिए श्रीनगर, ऋषिकेश और देहरादून, हल्द्वानी तक की दौड़ लगानी पड़ती है।

डॉक्टर डीएम सौरभ गहरवार की जिले में तैनाती ने माहौल को बदल दिया है। बेलेश्वर के लोगों को फिलहाल डीएम डॉ. सौरभ गहरवार ने खुद लोगों का दर्द दूर करने की जिम्मेदारी उठाई है।  डीएम ने एक दिन में 80 महिलाओं का अल्ट्रासाउंड किया। इसकी जबर्दस्त चर्चा हो रही है।

नहीं हैं रेडियोलॉजिस्ट
बेलेश्वर सीएचसी में पीपीपी मोड पर अल्ट्रासाउंड मशीन संचालित किया जा रहा है। पिछले ढाई माह से गायनेकोलॉजिस्ट और रेडियोलोजिस्ट नहीं हैं। अस्पताल को संचालित कर रहा हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट रोटेशनल आधार पर यहां प्रसूति रोग विशेषज्ञ की तैनाती करता है। हालांकि, पिछले ढाई माह से सीएचसी में रेडियोलॉजिस्ट का पद खाली है। ढाई माह पहले गायनेकोलॉजिस्ट के अस्पताल छोड़कर चले जाने के बाद से अभी तक नई नियुक्ति नहीं की गई है। जिससे लोगों को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

तबादले पर उबले थे लोग
डीएम सौरभ गहरवार पहले भी टिहरी में के नियुक्ति थे, लेकिन वर्ष 2021 में उनका तबादला चमोली जिले में कर दिया गया था। इसका टिहरी के लोगों ने जमकर विरोध किया। डीएम के तबादले के विरोध में जनता सड़कों पर उतर आई। जनाक्रोश न थमता देख सरकार को अपना फैसला बदलना पड़ा। डॉ. सौरभ गहरवार को फिर से टिहरी जिले की कमान सौंपी गई। इसके बाद जनता शांत हुई। डीएम का लोगों के बीच इसके बाद से लगातार संपर्क बढ़ा है। वे अधिक पॉपुलर हो रहे हैं। इसी बीच उनके सामने बेलेश्वर सीएचसी में अल्ट्रासाउंड न हो पाने का मामला आया।

सीएचसी पहुंच कर शुरू कर दिया इलाज
डीएम ने लोगों की परेशानी जानने के बाद बेलेश्वर सीएचसी का दौरा किया। डीएम वहां बतौर डॉक्टर बैठे। 80 गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड किया। उन्हें जरूरी परामर्श दिए। डीएम ने अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए अस्पताल प्रबंधन को आवश्यक निर्देश दिए। दरअसल, डॉ. गहरवार के बलेश्वर आने की सूचना मिलते ही दूरस्थ क्षेत्रों के 250 लोगों ने अल्ट्रसाउंड के लिए पंजीकरण करवा लिया था। डीएम ने कहा कि वह दोबारा यहां आकर उनका अल्ट्रासाउंड भी करेंगे, जिनका आज नहीं हो पाया। रेडियोलॉजिस्ट डॉ. गहरवार पहले पिथौरागढ़ जिले के गंगोलीहाट और नई टिहरी के बौराड़ी अस्पताल में लोगों के अल्ट्रासाउंड कर चुके हैं।

रेडियोलॉजिस्ट रह चुके हैं डीएम
डीएम डॉ. सौरभ गहरवार रेडियोलॉजिस्ट रह चुके हैं। उन्होंने एमबीबीएस की पढ़ाई बीएचयू से की। इसके बाद एम्स दिल्ली से एमडी किया। वे वर्ष 2016 बैच के आईएएस हैं।

उन्होंने बताया कि गर्भवती महिलाओं का नौ माह के दौरान कम से कम दो बार अल्ट्रसाउंड हो जाए, तो काफी हद तक गर्भ में शिशु की ग्रोथ का अनुमान लग जाता है। जब बेलेश्वर सीएचसी में अल्ट्रासाउंड मशीन होने के बाद भी महिलाओं की परेशानी का मामला सामने आया तो उचित ऐक्शन लिया।डीएम ने कहा कि जिले में अभी एक और रेडियोलॉजिस्ट हैं। उन्होंने तय किय है कि उनके पास जनपद में जहां भी अल्ट्रासाउंड मशीनें हैं, उनको प्रयोग में लाया जाएगा। इन मशीनों के लिए रेडियोलॉजिस्ट जाएगा। या फिर अगर वे दौरे पर होंगे तो स्वयं जाकर अल्ट्रासाउंड करेंगे। गर्भावस्था के 9 माह में समय में महिलाओं की दो बार जांच जरूर हो जाए।

बेलेश्वर की स्थिति में करेंगे बदलाव
डीएम डॉ. सौरभ ने कहा कि बेलेश्वर में गायनी और रेडियोलॉजिस्ट न होने के बारे में हमें वहां जाने पर ही पता चला। चेकअप आदि के लिए वहां पर कोई एमओ जरूर नियुक्त करेंगे। उन्होंने बताया कि अगले हफ्ते या उसके अगले हफ्ते वे फिर से महिलाओं का अल्ट्रासाउंड करने बेलेश्वर जाएंगे। उन्होंने कहा कि छुट्टी का दिन होता है तो जन सेवा से बढ़कर और कोई काम नहीं हो सकता है।

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