सीएचसी खैरना में मांगों को लेकर कवायद जारी, सांकेतिक धरना, क्रमिक अनशन के बाद अब आमरण अनशन में बैठे आंदोलनकारी।

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नैनीताल। पिछले कई दिनों से अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे व्यापारियों तथा क्षेत्रवासियों की जब अस्पताल प्रशासन ने नहीं सुनी तो 3 अक्टूबर से संजय बिष्ट के द्वारा आमरण अनशन की  शुरुवात कर दी गई।  जिनको व्यपारियों तथा क्षेत्रिय लोगों का भरपूर सहयोग मिल रहा है।
इस दौरान संजय बिष्ट ने आमरण अनशन के दूसरे दिन कहा कि जब तक हॉस्पिटल प्रशासन द्वारा उनकी मांगों को धरातल पर नहीं पूरा किया जाएगा तब तक वह आमरण अनशन पर बैठे रहेंगे ।
व्यपारियों तथा ग्राम प्रधान संगठन का मिल रहा है सहयोग
इस दौरान हॉस्पिटल में विशेषज्ञ डॉक्टर की तैनाती की मांग को लेकर बेतालघाट ग्राम प्रधान संगठन, रामगढ़ ग्राम प्रधान संगठन, बेतालघाट के व्यापार मण्डल, गरमपानी के व्यपार मण्डल संगठन एक साथ मिल कर अनशन कर रहे है, जिसकी शुरुवात संजय बिष्ट के द्वारा हो चुकी है।
विधायक और सांसद नहीं लेने आए अभी तक अनशन स्थल पर सुध
विशेषज्ञ डॉक्टर की तैनाती की जायज मांग को लेकर 28 दिनों से पहले सांकेतिक धरना फिर क्रमिक अनशन फिर आमरण अनशन चालू है परन्तु देखने की बात यह है कि अभी तक नैनीताल विधानसभा के विधायक संजीव आर्य तथा सांसद अजय भट्ट किसी प्रकार की सुध लेने नहीं पहुंचे है।
वहीं कुछ लोगों का कहना था कि सांसद अजय भट्ट का मौना रामगढ़ में दौर था जिसके बाद लोगों में आस थी कि सांसद मौके पर पहुचेंगे लेकिन अनशन कारियों को निराशा ही हाथ लगी, जिसमें अजय भट्ट अनशन स्थल पर नही पहुंचे।
कांग्रेस का भी मिल रहा है भरपूर समर्थन 
वहीं आपको बता दें कि नैनीताल की पूर्व विधायक सरिता आर्य तथा नैनीताल जिला कांग्रेस के जिलाध्यक्ष सतीश नैनवाल ने क्रमिक अनशन में अपना समर्थन दिया, जिसके चलते जिलाध्यक्ष सतीश नैनवाल ने कहा कि कोरोना काल में डबल इंजन की सरकार पूरी तरह से फेल रही है जिले के सभी चिकित्सालयों में स्वास्थ्य की सुविधाएं बदहाल पड़ी हुवी है।
वहीं गरमपानी खैरना के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में पिछले कई वर्षों से विशेषज्ञ डॉक्टर की मांग की जा रही है जिसे अभी तक पूरा नहीं किया जा सका है। प्रशासन द्वारा केवल आश्वाशन दिया जाता रहा है लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टर की तैनाती नहीं हो पाई है, जब तक यहां विशेषज्ञ डॉक्टर की तैनाती नहीं की जाएगी तब तक यह अनशन किया जाएगा ।
वहीं पूर्व विधायक सरिता आर्य ने कहा कि जब वह विधायक थी उस समय इस सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र की सुविधाएं स्वस्थ थी, लेकिन अब भाजपा की सरकार में इस सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र की सेवा बदहाल पड़ गयी गई , साथ ही उन्होंने कहा कि जब तक अनशन कारियों की आवाज नहीं सुनी जाएगी तब तक अनशन किया जाएगा।
साथ ही आपको बता दें कि पूर्व विधायक सरिता आर्य ने डी जी हेल्थ अमिता उप्रेती से बात की और जल्द ही एक चाइल्ड विशेषज्ञ देने  की मांग की। जिसे अमिता उप्रेती ने कुछ दिन में देने की बात कही।

इसी के साथ मांगों को प्रशासन द्वारा अनदेखा किए जाने पर एक ओर संजय बिष्ट आमरण अनशन में 5 दिनों से बैठे है तो दूसरी ओर मनीष साह द्वारा नैनीताल आयुक्त कार्यालय की ओर नंगे पैर पदयात्रा का शुभारंभ कर दिया गया है। एक ओर जहां संजय बिष्ट के स्वास्थ्य में गिरावट अा रही है वहीं दूसरी ओर मनीष साह अपनी मांगों को लेकर पैदल आयुक्त कार्यालय की ओर चल दिए है जो गुरुवार को आयुक्त कार्यालय पहुंच कर कमिश्नर के समक्ष अपनी मांगों को रखेंगे।

 

सीएचसी खैरना के हालात काफी समय से बदहाल पड़े हुए है जिसके लिए लंबे समय से व्यापारियों और क्षेत्रवासियों द्वारा मांगे की जा रही है लेकिन प्रशासन द्वारा उनकी मांगों को लंबे समय से अनदेखा लिया जा रहा है। वहीं खैरना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आस पास के कई ग्रामीण क्षेत्रों के मध्य में स्थित होने के कारण ग्रामीण यही इलाज के लिए आते है और बाजार और हाईवे में स्थित होने के कारण कोई भी केस हो तो यही घायलों को लाया जाता है लेकिन स्वास्थ्य सुविधाएं बदहाल होने के कारण सीएचसी खैरना बस रेफर सेंटर में तब्दील होकर रह गया जिसकी वजह से ग्रामीणों को समस्याओं का सामना करना पड़ता हैं, वहीं बदहाल स्थिति को देखते हुए व्यापारियों ओर क्षेत्रवासियों द्वारा मांगे की गई लेकिन मांगों को अनदेखा करने पर वह अनशन करने में मजबूर हो गए।
आज प्रदेश में सिर्फ सीएचसी खैरना की हालत ही ऐसी नहीं है अपितु प्रदेश के सभी चिकित्सालयों की सुविधाएं बदहाल स्थिति में है। एक तो कोरोना काल ऊपर से चिकित्सालयों की बदहाल पड़ी स्वास्थ्य सुविधाएं जिनकी वजह से लोगों को बहुत दिक्कतें हो रही है। प्रशासन को स्वास्थ्य सुविधाओंं के लिए भी कोई उचित कदम उठाना चाहिए ताकि बदहाल पड़ी स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर हो सके।

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