इस वर्ष नहीं हो सकेगी जनगणना

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जानिए जनगणना न हो पाने की वजह और उत्तराखंड के पिछली जनगणना (2011) के जिलेवार आंकड़े

कोविड 19 के संक्रमण से बचाव को ध्यान में रखते हुए, ऐतिहातन वर्ष 2021 में जनगणना का काम नहीं हो सकेगा। जनगणना अब, अगले वर्ष 2022 में होने की संभावना है। मालूम हो कि जनगणना के लिए वर्ष 2019 में बागझाला स्थित प्रसार प्रशिक्षण केंद्र में बाकायदा प्रशिक्षण दिया गया था।

इस बार जनगणना एप के माध्यम से भी कराने की तैयारी थी। एप में ही व्यक्ति घर बैठे अपने पारिवारिक सदस्यों का विवरण भर सकता था। मार्च 2020 में कोविड-19 के कारण लॉकडाउन हो गया था। जनगणना से पहले मकान सूचीकरण और मकानों की भी गणना होती है, लेकिन अभी तक जनगणना संबंधी कोई कार्य शुरू नहीं हो पाया है। सब सही समय पर होता तो 2020 में मकानों का सूचीकरण और मकानों की गणना हो जाती और फिर 2021 में जनगणना का काम शुरू होता। ऐसे में इस वर्ष मकानों के सूचीकरण और उनकी गणना के बाद वर्ष 2022 में ही जनगणना शुरू होने की संभावना है।

जनगणना निदेशालय के उपनिदेशक शैलेंद्र नेगी ने कहा कि जनगणना के लिए अभी केंद्र सरकार से कोई निर्देश नहीं मिले हैं। कोरोना टीकाकरण का काम शुरू हो चुका है और हम अगले आदेश का इंतजार कर रहे हैं।

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पिछली जनगणना 2011 के आंकड़े

जिलापुरुषमहिलाएंकुल जनसंख्या
उत्तरकाशी168597161489330086
चमोली193991197614391605
टिहरी गढ़वाल297986320495618481
रुद्रप्रयाग114589127696242285
पौड़ी गढ़वाल326829360442687271
देहरादून8921998044951696694
अल्मोड़ा291081331425622506
बागेश्वर124326135572259898
चंपावत131125128523259648
नैनीताल493666460939954605
पिथौरागढ़239306244133483439
यूएसनगर8587837901191648902
हरिद्वार10052958851271890422
योग5137773494806910085842

उम्मीद है की आपको ये जानकारी पसंद आई होगी।

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