जो पुरुष अनन्तता को जानते थे…… श्रीनिवास रामानुजन 22दिसंबर 1887 को पैदा हुए उनके पिता एक साड़ी शॉप में मामूली क्लर्क का काम करते थे और माँ एक साधारण ग्रहणी थी। श्रीनिवास बचपन में बहुत ही सेंस
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हमारी चेतना के अंदर सतोगुण, रजोगुण और तमोगुण- तीनों प्रकार के गुण व्याप्त हैं। प्रकृति के साथ इसी चेतना के उत्सव को नवरात्रि कहते है। इन 9 दिनों में पहले तीन दिन तमोगुणी प्रकृति की आराधना कर
भगवान केदारनाथ जी का दर्शन श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत आनंद का पल होता हैं, प्रति वर्ष कपाट खुलने के बाद हज़ारों- लाखों की संख्या में लोग, यहाँ भगवान शिव के दर्शन करने आते है। उत्तराखंड में दे
इतिहास में पहली बार होगा कुमाऊनी रामलीला का डिजिटल प्रसारण कोरोना महामारी के चलते जब धार्मिक आयोजनों पर रोक लगी थी तो वहीं नैनीताल के रंगकर्मियों और थियेटर से जुड़े कलाकारों ने निर्णय लिया क
लंबे समय से covid-19 के कारण सभी स्कूल कॉलेज बंद है। लेकिन उत्तराखंड राज्य में बंद स्कूल 1 नवंबर से खुलेंगे। जिनमें अभी केवल दसवीं और बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों को आने की अनुमति होगी। यह
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पूरी दुनिया में कोरोना वायरस लोगों की जान का खतरा बना हुआ है, भारत में भी इसका कहर झेलना पड़ रहा है हालाँकि कुछ समय से कुछ राहत देखने को मिली है पिछले कुछ दिनों से भारत में कोरोना के नए मामले
खं डवा के कब्रिस्तान में नन्हा ' किशोर ' छिपा बैठा था। घर के लोग उसे ढूंढ - ढूंढ़कर परेशान थे। आखिर उसके कुछ साथियों ने उसका अड्डा बता दिया। वहां से उन्हें पकड़कर घर लाया गया। जमकर पिटाई हुई
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उत्तराखंड सरकार द्वारा घर लौटे प्रवासियों के रोजगार सृजन हेतु कई सी योजनाएं लागू की हैं, किन्तु जो इन योजनाओं का लाभ उठाने से चूक गए उनके लिए भी सरकार रोज़गार का ज़रिया खोज लाई है। सरकार वन
ठंड के मौसम की शुरुआत धीरे-धीरे होने लगी है। ऐसे में सर्दियों के मौसम में गठिया रोगियों की समस्या बढ़ जाती है। गठिया की समस्या विशेषकर बुजुर्गों और बच्चों में होती है, ऐसे में बुजुर्गों और ब
गौरीकुंड मंदिर माता पार्वती को समर्पित एक मंदिर है, जिसे गौरी के नाम से भी जाना जाता है। मिथकों और किंवदंतियों के अनुसार, यह वह स्थान है जहां भगवान शिव की पत्नी माता पार्वती ने शिव के हृदय प
अमिताभ बच्चन एक भारतीय फिल्म अभिनेता, फिल्म निर्माता, टेलीविजन होस्ट, सामयिक पार्श्व गायक और पूर्व राजनीतिज्ञ हैं। उन्होंने पहली बार 1970 के दशक में जंजीर, देवर और शोले जैसी फिल्मों के लिए ल
मसूरी आज न जाने अपने भीतर कितनी यादों को समेटती हुई विकास के द्वार पर खड़ी है। आज भी कई किस्से कहानियों, लोमहर्षक किस्सों के मध्य सजी - संवरी यह पर्वतों की रानी मसूरी धीरे - धीरे अपना रूप पर
आज कल पहाड़ो में असोज के काम अपने अंतिम चरण में है लगभग सभी घरों में विभिन्न प्रकार की दालें ( गहत ,भट्ट ,रेस, मास ) ,मड़ुआ ,झुंगर ,धान आदि इकठा कर लिया है। अब इसके बाद शुरू होता है बड़ी बनाने
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सबसे पहले पिटाई हुयी थी-जिसकी याद है- सन 93 में। अल्मोड़ा आये साल-दो-एक हो गए थे- दीदी को दीदी बोलो, उसके नाम पे नहीं। माँ की खास आदत थी कि, जो हाथ में हो वो फैंक के मार दें, या फिर पकड़-पकड़ क
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बद्रीनाथ धाम पहुंचने वाले यात्रियों को देश के अंतिम गांव के नाम से प्रसिद्द स्थान माणा गांव में प्रवेश की अनुमति न मिलने से, निराश लौटना पड़ रहा है। माणा के ग्रामीणों ने कोरोना संक्रमण को देख
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कहते है कि, बचपन की मार और जुए की हार का असर गहरा और देर तक रहता है । ? उम्र के एक खास मोड़ पर पहुँच, मित्रों, परिचितों और रिश्तेदारों से मुलाकात होने पर पूछे जाने वाले कुछ चुनिन्दा सवालो में
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कुमाऊँ के प्रवेश द्वार के नाम से जाना जाने वाला स्थान -हल्द्वानी से खूबसूरत अल्मोड़ा की सड़क यात्रा । इस विडियो में आप देखेंगे हल्द्वानी से कैसे हमने अपना सफर की शुरुआत की, हल्द्वानी के बस स्ट
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केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की गाइड लाइन की घोषणा होने के उपरांत उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में ईको सेंसेटिव जोन बनाने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। वन विभाग ने अस्कोट अभयारण्य के अंतर