उत्तराखण्ड विद्यालयी शिक्षा परिषद ने शुक्रवार को 2023 के लिए बोर्ड परीक्षाओं की तिथि की घोषणा कर दी है। सभापति आरके कुंवर की अध्यक्षता में हुई परीक्षा समिति की बैठक में वर्ष 2023 का हाईस्कूल
उत्तर भारत, नेपाल, चीन देश में फैला हिमालय पर्वत कई मायनों में बेहद महत्वपूर्ण है। हिमालय से कई नदियां निकलती हैं, जो कई लोगों तक पानी का संचार करती हैं, हिमालय में कई औषधियाँ पाई जाती हैं।
उत्तराखंड के कुमाऊँ में स्थित नैनीताल को झीलों की नगरी कहा जाता है, क्योंकि उत्तराखंड के इस जिले में कई बेहद खबसूरत झील हैं, जिनकी खूबसूरती देखते ही बनती है। आज हम नैनीताल के इन्ही सुंदर झील
नानकमत्ता गुरुद्वारा उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले में खटीमा और सितारगंज के बीच खटीमा से 16 km और सितारगंज से 12 किमी0 की दूरी पर स्थित है। जो कि सिखों का पवित्र व ऐतिहासिक गुरुद्वारा है। य
Mysterious places of the Himalayas: भारत प्राकृतिक सुंदरता से परिपूर्ण देश है। हर तरह का मौसम देखने को मिलता है। ऐसा लगता है मानो हर एक बारीकी को देखते हुए भारत देश को बनाया गया हो। माथे पर
देवभूमि-उत्तराखंड हर तरह से समृद्ध राज्य हैं। उत्तराखंड की संस्कृति अपने-आप में ही सम्पूर्ण हैं। और बात करे यहाँ के संगीत की उसकी बात ही निराली हैं, यहाँ का संगीत जो कानों और मन दोनों को एक
हर वर्ष की तरह यह वर्ष 2022 के बीतने में कुछ ही दिन शेष है। किसी के लिये यह वर्ष ख़ुशियाँ लेकर आया होगा, तो किसी के लिए दुःख और किसी के मिले जुले होंगे अहसास, और गूगल पर आप सबने में वर्ष में
उत्तराखंड के कुमायूँ क्षेत्र में प्रचलित एक नृत्य शैली है। यह मूल रूप से एक शादी के जुलूस के साथ एक तलवार नृत्य है, लेकिन अब यह कई शुभ अवसरों पर किया जाता है। उत्तराखंड का लोकनृत्य छोलिया उत
उत्तर प्रदेश में गोरखपुर में स्थित नाथ संप्रदाय का गोरखनाथ मंदिर विश्व प्रसिद्ध है। इसी संप्रदाय एक गोरक्षपीठ उत्तराखंड में चम्पावत जिले में चम्पावत-तामली मोटर मार्ग पर जिला मुख्यालय से 4
उत्तराखंड जिसे देवभूमि कहा जाता है। यहाँ कई मंदिर हैं, जिनसे कई कथाऐ जुड़ी हुई है। इन्हीं में से एक है उत्तराखंड के कुमाऊँ क्षेत्र के गंगोलीहाट का पाताल भुवनेश्वर मंदिर। देवदार के वृक्षों से
सामान्यतः हम सुदूर हिमालय की ऊंचाइयों में ऋषियों, संतों के ध्यान और तप करने की कहानियां सुनते आये है। नैमिषारण्य ऐसे ही स्थान जो रामायण और महाभारत काल से महापुरुषों की तप स्थली रहा है, में स
आज के समय में स्कूल-कॉलेज के बाद क्या और किस तरह शुरू किया जाए ये एक मुश्किल सवाल बन जाता है। हालांकि लोगों में टैलेंट होने के बावजूद भी, कई कारणों से वो एक सही शुरुआत नहीं कर पाते हैं। आज म
उत्तराखंड राज्य में हिमालय की गोद में बसा एक छोटा सा शांत और सुन्दर पर्यटक आकर्षण का केंद्र चौकोड़ी। जहां वक़्त ठहरा हुआ सा महसूस कर सकते है। जहां सब से दूर, प्रकृति के मध्य रहा जा सकता है।
विश्व की योग राजधानी के रूप में प्रतिष्ठित, गंगा नदी के किनारे बसा पौराणिक, आध्यात्मिक, धार्मिक और पर्यटक नगर ऋषिकेश (Rishikesh), देवभूमि उत्तराखंड राज्य की राजधानी देहारादून से लगभग 43 किलो
उत्तराखंड के मुख्य पर्यटक स्थल नैनीताल जिले में स्थित मुक्तेश्वर, प्राकृतिक खूबसूरती से परिपूर्ण, असीम शान्ति और स्वच्छ वातावरण के लिए ये स्थान जाना जाता है। मुक्तेश्वर पहुचने के मार्ग में द
भारत का ऐसा शहर जो पहले बना और फिर लोगों ने यहाँ रहना शुरू किया, यानि प्लाण्ड सिटी। चंडीगढ़ ना सिर्फ भारत की सबसे खूबसूरत लैंड सिटी है, बल्कि दुनिया के कुछ सबसे खूबसूरत शहरों में जाता जाता ह
उत्तराखंड पर्यटन की दृष्टि से एक बेहद प्रसिद्ध स्थान है। जो पर्यटन मानचित्र पर महत्वपूर्ण स्थान रखने वाला ऐतिहासिक स्थान बागेश्वर, उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल में स्थित है। बागेश्वर जिला मुख्या
Pithoragarh पिथौरागढ़ उत्तराखण्ड का एक ऐसा जनपद हैं, जहां वह सब है, जिनका होना किसी स्वर्ग जैसे स्थान की कल्पना करने के लिए आवश्यक है। हिमालय के ऊंचे शिखर, glaciers से निकलती नदियां, हरियाली