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सीएम त्रिवेंद्र रावत ने दिया इस्तीफा, कहा- सामूहिक विचार के बाद ही होता है भाजपा में फैसला

Stone temples at Jageshwar, Almora
Photo creditUttarakhand collection · context photograph · PradeepBisht · CC BY-SA 4.0 · Resized, WebP conversion and display crop. Same license as original.

deepak.joshi · 2021-03-09

आखिरकार भाजपा में चार दिन की सियासी हलचल के बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पद से इस्तीफा दे दिया। मंगलवार शाम राजभवन पहुंचकर उन्होंने राज्यपाल बेबी रानी मौर्य को अपना इस्तीफा सौंपा। त्रिवेंद्र सिंह रावत ने 18 मार्च 2017 को राज्य के नौवें मुख्यमंत्री के रूप में सत्ता संभाली थी। त्रिवेंद्र को अपना चार साल का कार्यकाल पूर्ण होने से नौ दिन पहले ही मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़नी पड़ी। इसके अलावा त्रिवेंद्र भी उत्तराखंड के उन पूर्व मुख्यमंत्रियों की जमात में शामिल हो गए हैं, जो अपना पांच साल का कार्यकाल पूर्ण नहीं कर पाए। उत्तराखंड में केवल नारायण दत्त तिवारी ही अब तक पांच साल का कार्यकाल पूर्ण करने वाले मुख्यमंत्री रहे हैं।
  • राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने कहा कि मैंने नए मुख्यमंत्री के बनने तक त्रिवेंद्र रावत को कार्यवाहक सीएम बनने के लिए कहा है।
  • पार्टी ने एक छोटे से गांव, साधारण परिवार के व्यक्ति को मुख्यमंत्री का दायित्व सौंपा- त्रिवेंद्र
  • महिलाओं के उत्थान और सशक्तिकरण, बच्चों की शिक्षा, किसानों के लिए नई-नई योजनाएं लाए।
  • सामूहिक विचार के बाद ही होते हैं भारतीय जनता पार्टी में फैसले।
  • कभी सोचा नहीं था पार्टी मुझे इतना सम्मान देगी, ऐसा सिर्फ भाजपा में ही हो सकता है- त्रिवेंद्र
  • सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने दिया इस्तीफा
  • सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत पहुंचे राजभवन।
  • साढ़े चार बजे मीडिया से होंगे रूबरू।
  • बुधवार को विधान मंडल दल की बैठक के लिए पर्यवेक्षक के रूप में भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह एवं प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम आज शाम देहरादून पहुंच रहे हैं।
उत्तराखंड में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत सोमवार सुबह केंद्रीय नेतृत्व के बुलावे पर दिल्ली पहुंचे थे। दिल्ली में शाम को उनकी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात हुई। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख व राज्यसभा सदस्य अनिल बलूनी के आवास पर जाकर उनसे भी भेंट की। मुख्यमंत्री मंगलवार सुबह लगभग 11 बजे दिल्ली से देहरादून पहुंचे। जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर समर्थकों ने उनका स्वागत किया। हालांकि एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री के साथ दिल्ली से से लौटे विधायक मुन्ना सिंह चौहान के अलावा कोई विधायक या मंत्री नहीं पहुंचा। मुख्यमंत्री दोपहर लगभग 12 बजे देहरादून में मुख्यमंत्री आवास पहुंचे, जहां धीरे-धीरे उनके समर्थक जुटने लगे। मुख्यमंत्री आवास पर उनके समर्थकों ने काफी देर तक नारेबाजी भी की। मुख्यमंत्री के देहरादून पहुंचते ही सियासी गलियारों में चर्चा शुरू हो गई कि वह आज ही इस्तीफा दे देंगे। बाद में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने मीडिया से कहा कि मुख्यमंत्री मंगलवार शाम चार बजे राज्यपाल से मुलाकात के लिए राजभवन जाएंगे। प्रदेश अध्यक्ष भगत भी उनके साथ रहेंगे। हालांकि भगत ने राजभवन जाकर इस्तीफा दिए जाने की पुष्टि तो नहीं की, लेकिन माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री राजभवन को अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं। इस संभावना को इसलिए भी बल मिला क्योंकि बुधवार सुबह 11 बजे देहरादून में भाजपा विधानमंडल दल की बैठक बुला ली गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भगत ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि केंद्रीय पर्यवेक्षक भी इसमें शामिल हो सकते हैं। माना जा रहा है कि बुधवार को होने वाली इस बैठक में विधानमंडल दल के नए नेता का चुनाव किया जाएगा।
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