भारतीय भाषा · हिंदी माध्यम
മലയാളം
हिंदी से मलयालम सीखें
केरल की यात्रा, पड़ोसियों से बातचीत और मलयालम पढ़ने की शुरुआत के लिए चार छोटे, उपयोगी अध्याय। पहले ध्वनियाँ पहचानें, फिर अपना परिचय दें, कीमत पूछें और रास्ता समझें। हर पंक्ति में मूल लिपि, रोमन उच्चारण, लगभग हिंदी उच्चारण और अर्थ साथ हैं। यह शुरुआती पाठ्यक्रम है; एक अध्याय पढ़ने के बाद उसके संवाद बोलकर अभ्यास करें।
पहला अध्याय शुरू करें →उच्चारण कैसे पढ़ें
रोमन में ā, ī, ū, ē, ō लंबे स्वर हैं; ṭ, ṇ, ḷ जीभ मोड़कर बोले जाते हैं। ñ का संकेत न्य जैसी जुड़ी ध्वनि है और ṟ र का अलग प्रकार है। zh मलयालम ഴ की विशेष ध्वनि है, अंग्रेज़ी z+h नहीं। शब्द के अंत का ŭ अक्सर बहुत हल्का उ होता है। हिंदी में लिखा उच्चारण सहारा है, मूल ध्वनि का पूरा विकल्प नहीं।
हिंदी से समानताएँ और फर्क
- हिंदी और मलयालम में सामान्य वाक्यक्रम कर्ता–कर्म–क्रिया होता है; इसलिए क्रिया को अंत में रखने की आदत मदद करती है।
- हिंदी की तरह स्वर की लंबाई और दंत्य त बनाम मूर्धन्य ट का अंतर सुनना उपयोगी है। मलयालम में ल की भी अलग ध्वनियाँ हैं।
- नमस्कार, भाषा और पुस्तक जैसे संस्कृत से जुड़े शब्द कुछ परिचित लगेंगे; इससे दोनों भाषाएँ एक ही भाषा-परिवार की नहीं हो जातीं। हिंदी इंडो-आर्यन, मलयालम द्रविड़ भाषा है।
- हिंदी में संबंध के लिए अलग शब्द आते हैं, जैसे घर में; मलयालम में कई संबंध शब्द के साथ प्रत्यय बनकर जुड़ते हैं।
- सम्मान के लिए നിങ്ങൾ का प्रयोग सीखें। മലയാളം को केवल देवनागरी से पढ़ते रहने के बजाय साथ में मूल अक्षर भी पहचानें।
आपके चार शुरुआती अध्याय
- अध्याय 1: लिपि और ज़रूरी ध्वनियाँछोटे-बड़े स्वर, व्यंजन और मलयालम की विशेष ल-ध्वनि पहचानें।
- अध्याय 2: नमस्कार और अपना परिचयविनम्र अभिवादन करें, नाम पूछें और अपनी भाषा बताएँ।
- अध्याय 3: एक से दस और खरीदारीदस तक गिनें, कीमत पूछें और विनम्रता से सामान माँगें।
- अध्याय 4: रास्ता, पानी और मददकहाँ और कब पूछें, अपनी ज़रूरत बताएँ और बात दोहराने का अनुरोध करें।
आगे सुनें और पढ़ें
मूल आवाज़ सुनकर अभ्यास करें। देवनागरी और Roman संकेत उच्चारण सीखने में सहायता हैं; वे हर ध्वनि को पूरी तरह नहीं दिखा सकते।
UttaraPedia