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गुजराती · अध्याय 1 / 4

1. गुजराती लिपि की पहली पहचान

प्रतिनिधि अक्षरों और मात्राओं से छोटे शब्द पढ़ें।

पहले समझें

यह आरंभिक चयन है, पूरी गुजराती वर्णमाला नहीं। અ, આ और ક को एक साथ देखें; इनके रूप हिंदी के अक्षरों से कुछ हद तक परिचित लग सकते हैं। गुजराती की ऊपर की बनावट अलग है, इसलिए हर अक्षर को मूल लिपि में देखकर लिखना अधिक उपयोगी है।

ક में मात्रा लगाकर કા और કિ बनते हैं। क के पहले दिखने वाली ि जैसी मात्रा भी बोली क के बाद जाती है। પાણી में ણ और છ में अधिक हवा वाली ध्वनि पहचानें। गुजराती में नासिक्य स्वर भी मिलते हैं; હું बोलते समय अंत में अलग न जोड़ने के बजाय स्वर को नाक से भी निकालें।

उच्चारण संकेत

Roman में ā/ī/ū लंबे स्वर, ṭ/ḍ/ṇ/ḷ मुड़ी जीभ वाली ध्वनियाँ और ̃ नासिक्य स्वर दिखाता है। ch = च, chh = छ। ગુજરાતી છ को हिंदी छ के करीब रखें, केवल च न बोलें। हिंदी उच्चारण सीखने की सहायता है; यह पूर्ण ध्वन्यात्मक प्रतिलेखन नहीं है।

देखें, समझें और बोलकर दोहराएँ

मूल लिपि के साथ हिंदी अर्थ और उच्चारण
मूल लिपिहिंदी अर्थहिंदी उच्चारण (अनुमानित)Roman / English pronunciation
અप्रतिनिधि स्वर अअa
આस्वर आआā
ઇस्वर इइi
ઈस्वर ईईī
ઉस्वर उउu
કव्यंजन ककka
ખहवा के साथ खखkha
છछ ध्वनिछchha
ણजीभ पीछे मोड़कर नणṇa
કાक के साथ आ मात्राकाkā
કિक के साथ इ मात्राकिki
પાણીपानीपाणीpāṇī

ध्यान रखें

अब आपकी बारी

पहले अपना उत्तर बोलें या लिखें, फिर मिलान करें।

1. ગુજરાતી पानी कैसे लिखेंगे?

उत्तर देखें

પાણી — pāṇī।

2. કિ का उच्चारण?

उत्तर देखें

कि।

3. छ की ध्वनि वाला गुजराती अक्षर कौन-सा है?

उत्तर देखें

છ।

आगे सुनें और पढ़ें

मूल आवाज़ सुनकर अभ्यास करें। देवनागरी और Roman संकेत उच्चारण सीखने में सहायता हैं; वे हर ध्वनि को पूरी तरह नहीं दिखा सकते।