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उत्तराखंड चार धाम यात्रा/ दर्शन
Published: 2020-09-03

दर्शन के लिए श्रद्धालु, अपने जीवन में कम से कम एक बार तो आना ही चाहते हैं। इन दिनों
इन धामों के कपाट खुलें हैंपरन्तु इस बार लॉकडाउन के कारण, यात्रा कुछ प्रतिबंधों और नियमों के साथ चल रही है।
9 जून को जारी यात्रा दिशानिर्देशों के अनुसार, बदरीनाथ के लिए एक दिन में 1200, केदारनाथ के लिए 800, गंगोत्री के लिए 600 और यमुनोत्री के लिए एक दिन में अधिकतम 400 लोगों को दर्शन की अनुमति दी जाएगी। केदारनाथ मंदिर के अंदर हर घंटे सिर्फ 80 तीर्थयात्रियों को दर्शन के लिए प्रवेश की अनुमति होगी। वहीं बदरीनाथ मंदिर में सिर्फ 120 तीर्थयात्रियों की अनुमति होगी। केदारनाथ मंदिर में तीर्थयात्रियों को दर्शन के लिए केवल एक मिनट का समय दिया जाएगा, जबकि बद्रीनाथ मंदिर में दर्शन के लिए केवल 30 सेकंड का समय दिया जाएगा।हालांकि उपरोक्त नियम समय और परिस्थितियों को मद्देनजर रखते हुए समय समय पर, इनका पुनर्मूल्यांकन किया जा रहा है, उचित बदलाव किया जा सकता हैं, अतः यात्रा पर निकलने से पूर्व कृपया समाचारों से अवगत हो लें।
इस वर्ष (सन् 2020) पूर्व में,
उत्तराखंडके चार धाम मंदिर समिति द्वारा चारों धामों के कपाट खुलने की तिथियां, जो खुलने के दिन व समय के क्रमानुसार निम्नवत थी -
गंगोत्री धाम– अक्षय तृतीया, रविवार,
26/04/2020को
दिन में 12:35बजे।
यमुनोत्री धाम– अक्षय तृतीया, रविवार,
26/04/2020को
दिन में 12:41बजे।
केदारनाथ धाम– बुधवार,
29/04/2020को
प्रातः 06:10बजे।
बद्रीनाथ धाम– शुक्रवार,
15/05/2020को
प्रातः 04:30बजे। इन वीडियो के द्वारा कर सकते हैं
– यमुनोत्री,
गंगोत्री,
केदारनाथऔर श्री
बद्रीनाथधाम के दर्शन।
उत्तराखंडचार धाम यात्रा का सही क्रम –
यमुनोत्री,
गंगोत्री,
केदारनाथऔर
बद्रीनाथमाना गया है।
यमुनोत्रीऔर
केदारनाथधाम पहुंचने के लिए ट्रैकिंग रूट से होकर जाना होता हैं, घोड़े, खच्चरों एवं डोली की सहायता से भी यात्री यहाँ पहुंचते हैं।
गंगोत्रीऔर
बद्रीनाथतक मोटरेबल रोड से पंहुचा जा सकता है। सभी धाम के विडियो अलग -2 देखना चाहें तो पेज को नीचे को स्क्रोल डाउन कर अलग अलग विडियो देख सकते है।
इस विडियो में चारों धामों का वर्णन क्रमवार हैं।उत्तराखंड के चार प्रमुख धामों में से एक –
यमुनोत्री,यमुना नदी का उद्गम स्थल और देवी यमुना का वास स्थल है। यह भारत में उत्तराखंड राज्य में
गढ़वाल मण्डलके उत्तरकाशी जनपद में हिमालय की गोद में, 3,291 मीटर (10,797 फीट) की ऊंचाई पर स्थित है।
इस विडियो में– यमुनोत्री धाम के दर्शन के साथ देखेंगे कैसा है रूट? जानेंगे यहाँ कैसे पहुंचे? कहाँ ठहरें?
मौसम, क्या सावधानियाँ रखें के साथ ऐसी बातें, जिससे आपकी यमुनोत्री यात्रा सुविधाजनक और आवश्यक बातों की जानकारियों से युक्त हो।
यमुनोत्री दर्शनके बाद, भोजन लेने और जानकी चट्टी मे कुछ समय बिताने के बाद शाम चार बजे अपने वाहन के पास पहुचे, जो जानकीचट्टी से करीब आधा किलोमीटर पहले एक होटल की पार्किंग में खड़ा किया था। हमारे सफ़र का अगला डेस्टिनेशन – माँ गंगा का पावन धाम –
गंगोत्री, जो जानकी चट्टी से करीब 220 किलोमीटर की दुरी पर स्थित है। यमुनोत्री दर्शन कर जब जानकी चट्टी जब पहुचे तो – शाम ढलने में 2-3 घंटे बचे थे, रात्रि विश्राम से पूर्व – कुछ दूर जाया जा सकता था।
देखें विडियो।
केदारनाथ धाम की यात्रा और
श्री केदारनाथजी के दर्शन। भगवान केदारनाथ जी का दर्शन हर
श्रद्धालुके लिए अत्यंत आनंद का पल होता हैं, प्रति वर्ष कपाट खुलने के हज़ारों, लाखों की संख्या में लोग भगवान शिव के दर्शन करने आते हैं। इस विडियो में जानेंगे – भगवान
श्री केदारनाथ जीका मंदिर कहाँ है? मंदिर का इतिहास, कैसे पहुचे? रूट की जानकारी, विजिट करने का सही समय, कहाँ रुकें?
मौसम, और दूसरी आवश्यक जानकारियां।
बद्रीनाथ धाम की यात्रा और श्री
बद्रीनाथ जीके दर्शन। इस वीडियो को पूरा देखने के बाद आप जानेंगे
बद्रीनाथ मंदिरका इतिहास और यहाँ से जुड़े तथ्यों, यहाँ कैसे पहुंचे, कब आएं, कैसे आएं, कहाँ ठहरे आदि की जानकारियां… और करेंगे बद्रीनाथ मंदिर का दर्शन। साथ ही जानेंगे –
माणा गाँवके बारे में। https://youtu.be/5w70xP_74-k आशा है आपको, इस लेख में दी गयी जानकारी पसंद आई होगी। अपना समय देने हेतु धन्यवाद।
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