Trivender Singh Rawat resigned from the CM post, and said - the party needs new faces

Uttarakhand में बीते चार दिनों से चले आ रहे कयासों पर मंगलवार शाम विराम लग गया। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शाम करीब चार बजकर बीस मिनट पर राजभवन पहुंचकर राज्यपाल बेबी रानी मोर्य को इस्तीफा सौंप  दिया। राजभवन में राज्यपाल को इस्तीफा सौंपने के बाद त्रिवेंद्र सिंह रावत सीएम आवास में मीडिया से रूबरू हुए। उन्होंने सबसे पहले अपनी पार्टी का धन्यवाद जताया। कहा कि पार्टी ने चार साल के लिए देवभूमि की सेवा करने का स्वर्णिम मौका दिया, ये मेरा सौभाग्य है। भाजपा में ही यह संभव था कि छोटे से गांव के, सैन्य परिवार के, साधारण से कार्यकर्ता को पार्टी ने इतना बड़ा सम्मान दिया, ये मैंने कभी सोचा तक न था। उन्होंने कहा कि पार्टी ने विचार किया और संयुक्त रूप से यह निर्णय लिया कि मेरी जगह अब किसी और को ये मौका देना चाहिए। कहा कि मेरे कार्यकाल के चार वर्ष पूरे होने में मात्र नौ दिन कम रह गए। मैं प्रदेशवासियों का भी धन्यवाद देना चाहता हूं। इस दौरान उन्होंने अपने कार्यकाल के मुख्य कार्य भी गिनाए। कहा कि विशेषकर हमने महिलाओं के स्वरोजगार के लिए, बच्चों की शिक्षा के लिए और किसानों की आय दोगुनी करने के लिए बहुत काम किए। पार्टी अगर मुझे ये मौका न देती तो मैं यह कभी नहीं कर पाता। जिन्हें भी कल मौका मिलेगा वो इन योजनाओं को आगे बढ़ाएंगे। मेरी ओर से उनको शुभकामनाएं। मीडिया के नेतृत्व परिवर्तन करने का कारण पूछने पर त्रिवेंद्र ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी में कोई भी फैसला होता है तो सामूहिक विचार के बाद ही होता है।  भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत की ओर इशारा कर मीडिया से यह भी कहा कि आज अध्यक्ष जी से बात कीजिए, लेकिन भगत कुछ नहीं बोले। मीडिया के फिर पद से हटाने का कारण पूछने पर उन्होंने कहा कि इस सवाल के और अच्छे जवाब के लिए दिल्ली जाना होगा। त्रिवेंद्र ने यह भी जानकारी दी कि कल पार्टी मुख्यालय पर 10 बजे पार्टी विधानमंडल दल की बैठक होगी, जिसमें सब विधायक मौजूद होंगे। इसके बाद त्रिवेंद्र कुर्सी से उठ गए औरमीडियाकर्मियों को धन्यवाद कहते हुए निकल गए। इस दौरान उनके साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत, मंत्री मदन कौशिक, राज्यमंत्री धन सिंह रावत, विधायक हरबंश कपूर, कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन समेत कई  विधायक मौजूद रहे। कैबिनेट भंग, नया मुख्यमंत्री व मंत्रिपरिषद तय होने तक त्रिवेंद्र कार्यवाहक मुख्यमंत्री बने रहेंगे मुख्यमंत्री दिल्ली से लौटे और शाम करीब चार बजे राजभवन पहुंचकर उन्होंने राज्यपाल बेबी रानी मौर्य को त्यागपत्र सौंप दिया। उनके त्यागपत्र के साथ ही कैबिनेट भंग हो गई है। कल होगी विधायक दल की बैठक इस बीच खबर है बुधवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में भाजपा विधायक दल की बैठक होगी। जिसमें शीर्ष नेतृत्व की ओर से पर्यवेक्षक बनाकर भेजे जा रहे छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह और भाजपा प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम विधायकों से नए नेता के नाम पर चर्चा करेंगे। बताया जा रहा है कि दोनों पर्यवेक्षक दिल्ली से Dehradun के लिए चल दिए हैं और शाम करीब 6 बजे Dehradun पहुंच जाएंगे।  

Berok Tok started between India-Nepal, also opens the Sat range from Tonkpur

करीब 11 महीने बाद टनकपुर से लगती भारत-नेपाल सीमा मंगलवार से दोनों देशों के बीच बेरोकटोक आवाजाही शुरू हो गई है। आवाजाही के दौरान कोरोना से बचाव के नियमों का पालन करना होगा। निगरानी और आपसी तालमेल के लिए दोनों देश सीमा पर नोडल अधिकारी नियुक्त  करेंगे। दोनों देशों के जिला स्तरीय अधिकारियों की नेपाल में हुई बैठक में यह फैसला लिया गया है। नेपाल स्थित बाबा सिद्धनाथ मंदिर परिसर के सभागार में हुई बैठक में ब्रह्मदेव (नेपाल) के व्यापारियों और जनप्रतिनिधियों ने पूर्णागिरि मेले के मद्देनजर  भारत-नेपाल की टनकपुर सीमा खोलने की वकालत की। उन्होंने कहा कि मां पूर्णागिरि धाम और नेपाल स्थित बाबा सिद्धनाथ धाम का धार्मिक महत्व  एक-दूसरे से जुड़ा है। भाषा, संस्कृति और धार्मिक परंपराओं में समानताएं दोनों देशों के संबंधों को मजबूत बनाती हैं। ऐसे में सीमा पर यदि कभी छोटे विवाद  पैदा भी होते हैं तो उन्हें भारत-नेपाल का मुद्दा नहीं बनाना चाहिए। डीएम Champawat विनीत तोमर, एसपी लोकेश्वर, एसएसबी कमांडेंट बृजपाल सिंह नेगी ने  विश्वास दिलाया कि सीमा पर आवाजाही में किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। नेपाल के प्रमुख जिलाधिकारी राम कुमार महतो, एसपी उमा प्रसाद  चतुर्वेदी, एपीएफ के एसपी वीरेंद्र ऐर ने भी आवागमन में किसी तरह की परेशानी न आने देने का भरोसा दिया। बैठक के बाद डीएम और एसपी ने बाबा  सिद्धनाथ के दर्शन भी किए। बैठक में ये लोग थे मौजूद बैठक में एडीएम टीएस मर्तोलिया, सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी, एसडीएम हिमांशु कफल्टिया, सीओ अविनाश वर्मा, पूर्णागिरि मंदिर समिति अध्यक्ष पंडित भुवन  चंद्र पांडेय, सिद्धनाथ मंदिर समिति अध्यक्ष वीर बहादुर खड़का, बाजार व्यवस्थापन अध्यक्ष मोहनदेव पंत, जल उपभोक्ता समिति अध्यक्ष केशव चंद, रामनाथ  आदि थे। ब्रह्मदेव बाजार का सन्नाटा टूटा, व्यापारियों के चेहरे खिले भारत-नेपाल की टनकपुर सीमा खुलने से नेपाल के सीमांत ब्रह्मदेव बाजार में 11 माह से पसरा सन्नाटा मंगलवार को टूट गया है।  व्यापारियों ने बंद दुकानें खोल दीं हैं। सीमा बंद रहने के कारण ब्रह्मदेव के व्यापारियों को भी खासा नुकसान उठाना पड़ा था। व्यापारी दीपक जोशी ने बताया  कि 11 महीने से दुकान में रखा कॉस्मेटिक का काफी सामान खराब हो गया। अब सीमा खुलने से कारोबार बहाली की उम्मीद है।  

Declared the result of the Forest Recruiting Examination, 2326 candidates succeeded

बहुचर्चित वन आरक्षी भर्ती की लिखित परीक्षा का परिणाम Uttarakhand अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने मंगलवार को देर शाम जारी कर दिया। इस परीक्षा में 2326 अभ्यर्थी सफल घोषित किए गए हैं। आयोग ने सभी अभ्यर्थियों का परिणाम एक पीडीएफ में संलग्न कर उसे अपनी वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है। अभ्यर्थी इस पीडीएफ को डाउनलोड कर अपना परिणाम देख सकते हैं। वन आरक्षी के 1218 पदों पर भर्ती के लिए लिखित परीक्षा में 98 हजार से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए थे। यह परीक्षा 16 फरवरी 2020 को दो पालियों में कराई गई थी। परीक्षा में ब्लूटूथ की मदद से नकल करने का मामला सामने आने पर परिणाम रोक दिया गया था। इस प्रकरण की जांच एसआइटी कर रही है। वहीं, जिन केंद्रों पर नकल की बात सामने आई, वहां परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों (नकल के आरोपितों को छोड़कर) की परीक्षा 14 फरवरी 2021 को Dehradun में दोबारा कराई गई। इस परीक्षा में भूतपूर्व सैनिक और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी श्रेणी में पर्याप्त अभ्यर्थी उत्तीर्ण नहीं हुए हैं। इस कारण 2436 के बजाय 2326 अभ्यर्थियों का परिणाम जारी हुआ है। नकल के आरोपितों का परिणाम रोका परीक्षा के दौरान नकल करने के आरोपित अभ्यर्थियों का परिणाम Uttarakhand अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से जारी नहीं किया गया है। इन अभ्यर्थियों के खिलाफ आयोग अपने स्तर से अनुशासनात्मक कार्रवाई कर रहा है। -संतोष बडोनी (सचिव, Uttarakhand अधीनस्थ सेवा चयन आयोग) ने कहा कि अभ्यर्थियों की ओएमआर शीट भी जल्द प्रकाशित की जाएगी। इसमें छात्र अपने वास्तविक अंक देख पाएंगे।  

49 new patients of infection found in the last 24 hours, total number of patients reached 97529

राज्य में मंगलवार को कोरोना के 49 नए मरीज मिले और 98 मरीज ठीक होने के बाद अस्पतालों से डिस्चार्ज किए गए। इसके साथ ही राज्य में कुल मरीजों की संख्या 97529 पहुंच गई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी हेल्थ बुलेटिन के अनुसार मंगलवार को बागेश्वर, चमोली, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, टिहरी और उत्तरकाशी में किसी भी मरीज मे कोरोना संक्रमण नहीं पाया गया। जबकि Almora में एक, Champawat में एक, Dehradun में 24, हरिद्वार में आठ, Nainital में पांच, पौड़ी में तीन और यूएस नगर में सात मरीजों में कोरोना संक्रमण पाया गया है। मंगलवार को दस हजार के करीब सैंपल जांच के लिए भेजे गए जबकि इतने ही मरीजों की रिपोर्ट आना अभी बाकी है। राज्य में संक्रमण की दर 3.92 प्रतिशत जबकि मरीजों के ठीक होने की दर 96.19 पहुंच गई है। राज्य में अभी तक 93813 मरीज पूरी तरह ठीक हो चुके हैं और 611 का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। 21 हजार से अधिक ने कराया टीकाकरण मंगलवार को राज्य के विभिन्न अस्पतालों में कोरोना टीकाकरण अभियान के तहत कुल 21438 लोगों का कोरोना टीकाकरण किया गया। इसके साथ ही राज्य में अब टीकाकरण करने वालों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बड़ी संख्या में लोगों के टीकाकरण के लिए आने की वजह से अब अस्पतालों में टीकाकरण सुविधाओं को बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।  

Mahashivratri Bath Festival will come from Meerut to the vehicle luxury, the traffic plan is released

महाशिवरात्री स्नान पर्व को लेकर कुंभ मेला प्रशासन व पुलिस ने यातायात परिवर्तित कर दिया है। मेरठ मुजफ्फरनगर से आने वाले सभी वाहनों को पुरकाजी, लक्सर या मंगलौर, लंढौरा, लक्सर होकर बैरागी पार्किंग भेजा जाएगा। हरियाणा, पंजाब, सहारनपुर की ओर से हरिद्वार आने वाले वाहनों को भगवानपुर से इमलीखेडा, सिडकुल मार्ग से बीएचईएल क्षेत्र के पार्किंग स्थलों में भेजा जाएगा। Dehradun-ऋषिकेश की ओर से आने वाले बड़े वाहनों को संपर्क मार्ग से लाकर दूधियाबंध कृषि भूमि पर बनी पार्किंग पर पार्क कराया जाएगा। इस पार्किंग के भर जाने पर Dehradun, ऋषिकेश की तरफ से आने वाली सभी वाहनों को मोतीचूर रेलवे फाटक के पास नदी पर बने पार्किंग में पार्क की कराया जाएगा। वहीं छोटे वाहनों को हरिपुर कलां मार्ग से होकर सप्तऋषि आश्रम के सामने सप्तऋषि पार्किंग स्थल पर पार्क कराया जाएगा। इनकी वापसी पुरानी भूपतवाला चौकी से दाहिने मुड़कर मुख्य मार्ग से वापस भेजा जाएगा। रुड़की और बहादराबाद मार्ग से आने वाले दोपहिया वाहनों जैसे-स्कूटर, मोटरसाइकिल आदि एवं इस मार्ग से आने वाले तीन पहिया वाहन जैसे आटो, विक्रम आदि को बहादराबाद, ज्वालापुर से पुल जटवाड़ा पार कर रेल चौकी, भगत सिंह चैक से हिल बाईपास पर रोडवेज वर्कशाप के सामने बने पार्किंग स्थल पर पार्क कराया जाएगा और इसी मार्ग से वापस भेजा जाएगा।  

50 acres of land will be made in Haldwani, Uttarakhand High Court, preparation for shifting from Nainital

Uttarakhand हाईकोर्ट को Nainital से शिफ्ट करने के लिए धरातल पर काम शुरू हो गया है। हाईकोर्ट भवन के लिए Haldwani के गौलापार क्षेत्र में जमीन देखी जा रही है। इस संदर्भ में वन विभाग को शासन से 50 एकड़ जमीन देने के लिए पत्र भेजा गया है। गौरतलब है कि कार्यवाहक मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बीते दिनों अपने Nainital भ्रमण के दौरान पत्रकार वार्ता में कहा था कि हाईकोर्ट को Nainital से शिफ्ट करने की स्थानीय स्तर पर मांग उठ रही है, इसलिए हाईकोर्ट के लिए नई जगह देखी जा रही है। इस क्रम में गौलापार में भी वन विभाग हाईकोर्ट के लिए 50 एकड़ जमीन तलाश कर रहा है। शासन ने वन विभाग को इस मामले में पत्र भी भेजा है। जानकारों का कहना है कि पूर्व में आईएसबीटी के लिए मिली जमीन और इंटरनेशनल जू के बायो डायवर्सिटी पार्क का बड़ा हिस्सा इसके लिए चिह्नित किया गया है। हालाकि वन विभाग के अधिकारी भी इस मामले में ज्यादा कुछ कहने से बच रहे हैं। पश्चिमी वृत्त वन संरक्षक जीवन चंद्र जोशी ने बताया, हाईकोर्ट के लिए गौलापार में जमीन को लेकर शासन ने आख्या मांगी है। इस सिलसिले में जरूरी कार्यवाही की जा रही है। Mana जा रहा है कि बुधवार को होने वाली इस बैठक में विधानमंडल दल के नए नेता का चुनाव किया जाएगा। जहां तक मुख्यमंत्री के नए चेहरे का सवाल है, दिल्ली से लेकर Dehradun तक कई पार्टी नेताओं के नाम चर्चा में शामिल हैं।  

Hangma of employees at Fortis Hospital, a crisis of employment in front of 150 employees from contract finish

कोरोनेशन अस्पताल (जिला चिकित्सालय) में पीपीपी मोड पर संचालित फोर्टिस अस्पताल (कार्डियक यूनिट) का अनुबंध खत्म होने से यहां कार्यरत 150 कर्मचारियों के सामने रोजगार पर संकट खड़ा हो गया है। मंगलवार को इन कर्मचारियों ने अस्पताल में हंगामा किया। उन्हें कहीं और समायोजित करने या अस्पताल का अनुबंध बढ़ाने की मांग की है। कर्मचारी आज स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. तृप्ति बहुगुणा से मुलाकात कर अपनी समस्या उनके सामने रखेंगे। इधर, अस्पताल का अनुबंध खत्म होने के बाद अब मरीजों को भी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में कुछ तीमारदारों ने भी अस्पताल में हंगामा किया। बता दें कि हृदय रोगियों को बेहतर उपचार मुहैया कराने के लिए राज्य सरकार ने दस साल पहले फोर्टिस अस्पताल के साथ करार किया था। बीती सात मार्च को अनुबंध खत्म हो गया। अस्पताल प्रबंधन को बिल्डिंग खाली करने का नोटिस दिया जा चुका है। साथ ही नए मरीज न भर्ती करने की भी सलाह दी गई है। ऐसे में यहां पहुंचने वाले मरीजों को यहां-वहां भटकना पड़ रहा है। ज्यादा दिक्कत बीपीएल क्षेणी के मरीजों को आ रही है। उन्हें यहां मुफ्त उपचार मिलता था जो अब नहीं मिल पा रहा है। स्वास्थ्य विभाग पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि अस्पताल का अनुबंध अब नहीं बढ़ाया जा रहा है। दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कैथ लैब व कार्डियक यूनिट शुरू करने एवं उक्त अस्पताल भी दून मेडिकल कॉलेज द्वारा ही संचालित करने की बात कही गई है। वहीं फोर्टिस अस्पताल के प्रबंधक संदीप सिंह का कहना है कि अनुबंध खत्म हो गया हैं, पर अस्पताल ने अभी इलाज बंद नहीं किया है। कर्मचारियों का सेटलमेंट एवं वेंडरों के भुगतान में समय लगने की वजह से विभाग से मोहलत मांगी गई है। वहीं अनुबंध बढ़ाए जाने पर अस्पताल मरीजों को अटल आयुष्मान योजना के तहत भी लाभ देने को तैयार है। कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक राजकुमार ने फोर्टिस अस्पताल पहुंचकर कर्मचारियों को समर्थन दिया। वहीं शाम को इस मसले पर मुख्य सचिव ओमप्रकाश से मुलाकात की। राजकुमार ने कहा कि फोर्टिस अस्पताल पिछले कई वर्षों से प्रदेशभर की जनता को स्वास्थ्य सेवा दे रहा है। अब अनुबंध समाप्त होने से यहां कई गंभीर मरीजों का इलाज रुक गया है। वहीं कर्मचारियों के लिए रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। इस समस्या के निदान के लिए अस्पताल का अनुबंध जल्द बढ़ाया जाए। अन्यथा कांग्रेस कार्यकर्त्‍ता धरना-प्रदर्शन करेंगे।  

Former Uttarakhand CM Harish Rawat - Demand for Election from Governor

Uttarakhand के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत (Trivendra Singh Rawat) के इस्तीफे पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत (Harish Rawat) ने कहा कि भाजपा राज्य में अस्थिरता पैदा करना चाहती है। वह राज्यपाल से निवेदन करेंगे कि राज्य में चुनाव कराया जाए। हरीश रावत ने कहा कि भाजपा ने 2016 में उनकी सरकार गिरवाई थी।अब वही दलबदलू भाजपा का नुकसान कर रहे हैं। पत्रकारों से बातचीत में हरीश रावत ने कहा कि भाजपा को लोगों को बताना चाहिए कि त्रिवेंद्र के इस्तीफे का कारण क्या है। उन्होंने भ्रष्टाचार किया है या कोई और कारण है। उन्होंने कहा कि भाजपा राज्य में राजनीतिक अस्थिरता पैदा करना चाहती है। भाजपा ये सोचती है कि भाजपा नए नेता को आगे करके पुराने पाप को छुपा सकती है, लेकिन जनता सब जानती है।इससे पहले ट्वीट कर हरीश रावत ने कहा कि यूं तो लगता है कि Uttarakhand में सत्ता परिवर्तन तय है। शायद हरियाणा में सरकार जाने का डर भी मुख्यमंत्री को बचाने में काम नहीं आ पा रहा है। भाजपा Uttarakhand में गहरे भंवर में है और अपने साथ राजनीतिक अस्थिरता के इस भंवर में Uttarakhand को भी उलझा दिया है।  

New Chief Minister’s Allan in Uttrakhand will be tomorrow BJP Legislature Party Meeting

चार दिन की राजनीतिक हलचल के बाद आखिरकार मंगलवार को Uttarakhand के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने दिल्ली से लौटने के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया। शाम सवा चार बजे उन्होंने राजभवन में राज्यपाल बेबी रानी मौर्य को इस्तीफा सौंपा। राज्यपाल ने उनका इस्तीफा स्वीकार करते हुए राज्य में नए मुख्यमंत्री के पदभार ग्रहण करने की अवधि तक कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में पद पर बने रहने को कहा। नया नेता चुनने के लिए भाजपा विधानमंडल दल की बैठक बुधवार को Dehradun में होगी, जिसमें केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में भा इससे पहले मुख्यमंत्री के Dehradun पहुंचते ही सियासी गलियारों में चर्चा शुरू हो गई कि वह इस्तीफा देने जा रहे हैं। कुछ देर बाद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने मीडिया से कहा कि मुख्यमंत्री शाम चार बजे राज्यपाल से मुलाकात के लिए राजभवन जाएंगे। इससे साफ हो गया कि कि मुख्यमंत्री राजभवन को अपना इस्तीफा सौंपने जा रहे हैं। इस संभावना को इसलिए भी बल मिला क्योंकि तब तक यह जानकारी सामने आ गई कि बुधवार सुबह 10 बजे Dehradun में भाजपा विधानमंडल दल की बैठक बुला ली गई है। मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मीडिया को जानकारी दी कि विधानमंडल दल की बैठक बुधवार सुबह 10 बजे भाजपा प्रदेश मुख्यालय में होगी। पार्टी नेतृत्व द्वारा बैठक के लिए पर्यवेक्षक बनाए गए भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रमन सिंह व प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम मंगलवार शाम Dehradun पहुंच गए।जपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के साथ भाजपा के Uttarakhand प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम मौजूद रहेंगे। Uttarakhand में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर गुजरे शनिवार से चल रही अटकलों पर मुख्यमंत्री के इस्तीफे के साथ ही विराम लग गया। केंद्रीय नेतृत्व से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत मंगलवार सुबह लगभग 11 बजे दिल्ली से Dehradun पहुंचे। जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर समर्थकों ने उनका स्वागत किया। हालांकि एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री के साथ दिल्ली से लौटे विधायक मुन्ना सिंह चौहान के अलावा कोई विधायक या मंत्री नहीं पहुंचा। मुख्यमंत्री दोपहर लगभग 12 बजे Dehradun में मुख्यमंत्री आवास पहुंचे, जहां धीरे-धीरे उनके समर्थक जुटने शुरू हुए। मुख्यमंत्री आवास में कई मंत्री, विधायक, संगठन के पदाधिकारी व दायित्वधारी भी पहुंचे। इनमें कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डा. धन सिंह रावत, प्रदेश अध्यक्ष व विधायक बंशीधर भगत, प्रदेश उपाध्यक्ष अनिल गोयल, विधायक हरबंस कपूर, मुन्ना सिंह चौहान, भरत चौधरी, केदार सिंह रावत, कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन, चंद्रा पंत के अलावा Dehradun के महापौर सुनील उनियाल गामा भी शामिल थे। काफी संख्या में कार्यकर्त्‍ता भी आवास पर मौजूद थे। मुख्यमंत्री आवास पर उनके समर्थकों ने काफी देर तक नारेबाजी भी की। शाम लगभग चार बजे मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत, मंत्रियों एवं विधायकों के साथ आवास से राजभवन के लिए रवाना हुए। त्रिवेंद्र सिंह रावत ने 18 मार्च 2017 को राज्य के नौवें मुख्यमंत्री के रूप में सत्ता संभाली थी। त्रिवेंद्र को अपना चार साल का कार्यकाल पूर्ण होने से नौ दिन पहले ही मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़नी पड़ी। इसके साथ ही त्रिवेंद्र भी उन पूर्व मुख्यमंत्रियों की जमात में शामिल हो गए, जो अपना पांच साल का कार्यकाल पूर्ण नहीं कर पाए। Uttarakhand में केवल नारायण दत्त तिवारी ही अब तक पांच साल का कार्यकाल पूर्ण करने वाले मुख्यमंत्री रहे हैं।