उत्तराखंड की राजधानी देहारादून की पहचान इसके Clock Tower से भी है. कई लोगों को लगता है, कि यह ब्रिटीशर्स द्वारा बनाया है।

जबकि हकीकत यह नहीं हैं। जाने इस घंटाघर की दिलचस्प कहानी और इससे जुड़े कुछ Interesting facts.

देहारादून का क्लॉक टावर शहर के केंद्र में है। इस क्लॉक टावर के निर्माण की शुरुआत भारत की आजादी मिलने के बाद हुई

ब्रिटिश समय के न्यायाधीश बलबीर सिंह  की स्मृति में उनके परिजनों ने 1948 में क्लॉक टॉवर का निर्माण शुरू कराया।

घंटाघर का 1953 में उदघाटन तत्कालीन रेलवे एवं यातायात मंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री द्वारा हुआ।

यह षट्कोणीय आकार का है। और इसलिए अनूठा है, क्योकि ऐसे क्लॉक टावर ब्रिटीशेर्स भी नहीं बनाते थे।

Britishers द्वारा बनाए ज़्यादातर क्लॉक टावर 2 या चार घड़ियों वालों ही होते थे।