कुदरत के खूबसूरत नजारों मे है कौसानी, जिसे भारत का स्विट्जरलैंड भी कहा जाता है

कौसानी

पहाड़ों में बसा कौसानी उत्तराखंड के कुमाऊ क्षेत्र का एक हिस्सा है। कहते हैं कि साप्ताहिक छुट्टी के लिए कौसानी सबसे अच्छी जगहों में से एक है।

भारत का स्वीजरलैंड

साप्ताहिक छुट्टी बिताने के लिए कौसानी एक बहुत अच्छी जगह है। ऐसे बहुत से कारण हैं, जिसके लिए आपको कौसानी की यात्रा जरूर करनी चाहिए। कौसानी को महात्मा गांधी ने भारत का स्वीजरलैंड कहा था। वास्तव में यह हिल स्टेशन एक स्वर्ग है, जो आपको शहरी जीवन की नीरसता से दूर ले जाता है। हिमालय में बसा कौसानी उत्तराखंड के कुमाऊ क्षेत्र का एक हिस्सा है, जो जैव विविधता से संपन्न है। उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में स्थित कौसानी, शहर की हलचल से दूर एक शांत जगह है।

दिल्ली के करीब है –

बेहद शांत और प्राचीन प्राकृतिक सुंदरता की तलाश करने वाले लोगों के लिए कौसानी दिल्ली के करीब सबसे खूबसूरत जगह में से एक है। दिल्ली से इसकी दूरी मात्र 412 किमी है। चीड़ के पेड़ों से घिरा कौसानी प्रकृति की सैर करने के लिए एक अच्छी जगह है। यहां के जंगलों में आप बेहद शांति का अनुभव करेंगे।

ट्रैकिंग के लिए स्वर्ग –

कौसानी में कफनी ग्लेशियर, बैजनाथ मंदिर, पिन्नाथ, पिंडारी और सुंदरधुंगा ग्लेशियर कौसानी के पास कुछ पॉपुलर ट्रैकिंग की जगह हैं।

कम्पिंग कर सकते हैं –
कौसानी में आपको कम्पिंग करने का भी मोका मिलेगा। यहां आप अपनी जरूरतों से समझौता किए बिना प्रकृति की सुदंरता के करीब रहकर शांत वातावरण का अनुभव कर सकते हैं।

 

सर्दियों का आनंद

कौसानी में सर्दियों में बहुत बर्फबारी होती है। बर्फ से ढंकी पहाड़ियां और मौसम आपको आकर्षित कर देगा।

कौसानी में चाय के बागान-

कौसानी में चाय बागान 208 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। चाय प्रेमियों के लिए यह जगह वास्तव में स्वर्ग है। यहां पर्यटक दार्जिलिंग की चाय को सस्ती कीमत पर चख सकते हैं और खरीद भी सकते हैं।

कौसानी में आपको लक्ष्मी आश्रम और अनाशक्ति आश्रम मिलेंगे। लक्ष्मी आश्रम 1964 में बनाया गया था। इसके ठीक बगल में गांधी आश्रम है, जिसे अनाशक्ति आश्रम भी कहते हैं। जिसे महात्मा गांधी की स्मृति के रूप में बनाया गया है।

 

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