संस्कृति

जगह के साथ अपनी जड़ों से भी दूर होते लोग

महानगरों की चमक से आकर्षित हो, हम चले आते हैं छोड़ कर, अपनी जगह को और हो जाते हैं जड़ों से दूर। और इस...

ऐपण कुमाऊँ की पारंपरिक कला

ऐपण या अल्पना एक लोक चित्रकला है। जिसका कुमाऊँ के घरों में एक विशेष स्थान है। ये उत्तराखण्ड की एक परम्परागत लोक चित्रकला है।...

नंदादेवी कौतिक का वो उत्साह

आहा झोड़ा गाते गाते गोल गोल घुमते स्त्री और पुरुष, हुडुके की थाप, एक दुसरे के कंधो पर हाथ, मानव शृंखला मदमस्त नून तेल...

घी संक्राति (घ्यो त्यार)

उत्तराखंड मुख्य रूप से कृषि पर निर्भर राज्य है। यहां की अधिकतर आबादी जल जंगल और जमीन पर निर्भर करती है।इसलिए यहां के ज्यादातर...

अब का हु रो पोल्ट (पल्ट)

पोलट या पलट आपन पहाड़ों पने य परम्परा अब विलुप्त हुणे कगार पर छु। कोई कोई गोनु में य परम्परा आई ले बच रे।...

Popular

Subscribe

spot_imgspot_img
error: